राजस्थान मे RIICO ने ई-लीज प्रणाली लागू की

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Udaipur Times, RIICO, E-Lease System: RIICO द्वारा औद्योगिक भूखंडों के लीज एग्रीमेंट के निष्पादन एवं पंजीयन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए रीको डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 में संशोधन कर लीज एग्रीमेंट के निष्पादन के लिए वर्तमान ऑफलाइन व्यवस्था के स्थान पर ऑनलाइन ई-लीज प्रणाली लागू की जाएगी।

वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत भूखंड आवंटन के पश्चात लीज एग्रीमेंट निर्धारित प्रारूप में भौतिक रूप से निष्पादित किया जाता है। सामान्यतः संपूर्ण प्रीमियम के भुगतान के बाद 90 दिनों के भीतर फॉर्म ‘सी’ तथा किस्तों में आवंटन की स्थिति में आवंटन की तिथि से 90 दिनों के भीतर फॉर्म ‘डी’ में लीज एग्रीमेंट निष्पादित किया जाता है। वहीं, SeZ एवं अन्य विशेष परियोजनाओं सहित गैर-औद्योगिक प्रयोजनों के लिए लीज एग्रीमेंट प्रबंधन द्वारा अनुमोदित प्रारूप में निष्पादित किया जाता है।

वर्तमान भौतिक प्रक्रिया में आवंटियों को लीज एग्रीमेंट के निष्पादन एवं पंजीयन के लिए रीको के इकाई कार्यालय और संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता है। विशेष रूप से राज्य अथवा जिले से बाहर रहने वाले आवंटियों तथा कंपनियों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के लिए इस प्रक्रिया में अधिक समय लगता है और उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।

इसके अतिरिक्त, वर्तमान व्यवस्था में पहचान सत्यापन, दस्तावेजों की भौतिक आवाजाही, अभिलेखों की सुरक्षा तथा पंजीकृत लीज एग्रीमेंट के अभिलेखों की स्थिति का पता लगाने जैसी कठिनाइयां भी सामने आती हैं। इनके समाधान के लिए रीको ने लीज एग्रीमेंट के निष्पादन, पंजीयन हेतु दस्तावेज भेजने तथा पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है।

प्रस्तावित ई-लीज प्रणाली के अंतर्गत ये चरण रीको के ईआरपी पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगे। इनमें आवंटी के बकाया भुगतान की स्थिति की जांच, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं का विवरण दर्ज करना, आधार-आधारित प्रमाणीकरण, गवाहों का विवरण एवं सत्यापन, इकाई कार्यालय द्वारा जांच तथा लीज एग्रीमेंट तैयार करना शामिल होगा। आवंटी, गवाहों तथा निगम के अधिकृत अधिकारी द्वारा निर्धारित क्रम में इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके पश्चात दस्तावेज को सील कर पंजीयन के लिए संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जाएगा। प्रणाली के माध्यम से एक संदर्भ संख्या भी सृजित होगी, जिसकी जानकारी आवंटी को उपलब्ध कराई जाएगी। आवंटी इस संदर्भ संख्या के आधार पर अपनी सुविधानुसार संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय में समय लेकर उपस्थित हो सकेगा।

प्रस्तावित व्यवस्था में पंजीयन अधिनियम, 1908 के अंतर्गत आवश्यक बायोमेट्रिक पहचान एवं फोटोग्राफी के लिए आवंटी और गवाहों को संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय में उपस्थित होना होगा। उप-पंजीयक द्वारा स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क जमा होने की पुष्टि तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद लीज एग्रीमेंट का पंजीयन किया जाएगा। पंजीकृत दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रीको के इकाई कार्यालय को वापस भेजा जाएगा।

इसके अतिरिक्त, लीजहोल्ड अधिकारों के हस्तांतरण, संस्था के गठन में परिवर्तन, अनुमत गतिविधि में परिवर्तन तथा मूल पंजीकृत लीज एग्रीमेंट में संशोधन जैसी परिस्थितियों में पूरक अथवा संशोधित लीज एग्रीमेंट के निष्पादन की प्रक्रिया को भी डिजिटल व्यवस्था के अनुरूप सुगम बनाया जाएगा।

केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ई-पंजीयन एवं ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देने के क्रम में रीको की प्रस्तावित ई-लीज प्रणाली औद्योगिक भूखंडों से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायक होगी। इससे दस्तावेजों की भौतिक आवाजाही कम होने, पारदर्शिता बढ़ने तथा उद्यमियों और निवेशकों के लिए व्यावसायिक प्रक्रियाएं सरल होने की उम्मीद है।

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