चीनी की बढ़ती कीमते: देश में चीनी डीलरों पर 30 नवंबर तक 400 टन की स्टॉक लिमिट
Udaipur Times, Rising Sugar Price Hike: देश मे त्योहारी सीजन मे चीनी बढ़ती कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। हाल के दिनों मे चीनी की कीमतें उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। 20 जुलाई 2026 को यह ₹48.18 प्रति किलोग्राम थी, जो 20 अगस्त 2026 को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गई। सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और उसने चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और उपभोक्ताओं के लिए स्थिर कीमतें सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
जमाखोरी रोकने और आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाए कदम
सरकार ने देखा है कि कुछ चीनी मिलों और व्यापारियों की सट्टेबाज़ी और जमाखोरी की वजह से हाल ही में कीमतें बढ़ी हैं। इसलिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- पूरे देश में चीनी डीलरों पर 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक 400 टन की स्टॉक लिमिट लगाई गई है।
- 1 सितंबर से, थोक उपभोक्ताओं को 15 दिन की खपत से ज़्यादा चीनी का स्टॉक रखने की इजाज़त नहीं होगी।
- केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की संयुक्त टीमें जमाखोरी और बनावटी कमी की जांच करने के लिए मिलों में चीनी स्टॉक की भौतिक सत्यापन कर रही हैं।
- एहतियात के तौर पर, सरकार ने घरेलू उपलब्धता को और बढ़ाने के लिए 10 एलएमटी कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की इजाजत देने का फ़ैसला किया है।
- राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू करने की सलाह दी गई है। इससे अक्टूबर में चीनी का उत्पादन सामान्य 3-4 एलएमटी से बढ़कर 10 एलएमटी से ज़्यादा होने की उम्मीद है, जिससे त्योहारों के मौसम में उपलब्धता और बेहतर होगी।
सरकार उपभोक्ताओं और गन्ना किसानों, दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वह चीनी स्टॉक, कीमतों और बाज़ार के तौर-तरीकों पर बारीकी से नज़र रखना जारी रखेगी और जमाखोरी तथा बेवजह कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएगी, साथ ही किसानों को बकाया राशि का समय पर भुगतान भी सुनिश्चित करेगी।
