जिला समाप्त करने के विरोध में शाहपुरा बंद

बंद का असर शहर में मिला-जुला

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shahpura band

30 दिसंबर 2024। उदयपुर संभाग के भीलवाड़ा ज़िले से तोड़कर गहलोत राज में बनाये गए शाहपुरा जिले को समाप्त करने के विरोध में रविवार को शाहपुरा बंद का आह्वान किया गया। बंद का असर शहर में मिला-जुला दिखाई दिया। त्रिमूर्ति चैराहा और सदर बाजार पूरी तरह बंद रहे, जबकि बाहरी बस्तियों और कलिंजरीगेट चैराहे पर दुकानें और बाजार खुले रहे। 

बंद को देखते हुए शहर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एसएचओ माया बैरवा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और जगह-जगह गश्त जारी है। हालांकि, संघर्ष समिति के पदाधिकारी बंद कराने बाजार में नजर नहीं आए, जिससे बंद को लेकर कुछ हद तक असमंजस की स्थिति बनी रही।
 

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उल्लेखनीय है कि शनिवार को राज्य की भजनलाल सरकार ने शाहपुरा जिले को समाप्त करने की घोषणा की थी, जिसके बाद स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शाहपुरा के लोग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार देर रात तक त्रिमुर्ति चैराहे पर बैठक कर बंद की रणनीति तैयार की थी। 

गौरतलब है कि आजादी से पहले शाहपुरा एक स्वतंत्र रियासत थी, और तभी से इसे जिला बनाए जाने की मांग की जाती रही है। सक्षम राजनीतिक नेतृत्व के अभाव में शाहपुरा हर बार न्याय से वंचित रहा। संयुक्त राजस्थान के गठन के समय भी शाहपुरा को जिला बनाने की मांग अधूरी रह गई थी। अशोक गहलोत सरकार ने इसे जिला बनाया था, लेकिन वर्तमान सरकार की इस निर्णय से शाहपुरा के लोगों में गहरा आक्रोश दिख रहा है।


 

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