झुंझुनू के शिवलाल का सफाईकर्मी से उद्यमी तक का सफर

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Sanitation Worker to Enterpreneur

 

Udaipur Times, Success Story, Sanitation Woker to Enterpreneur: लगभग दो दशकों तक सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई में सहायक के रूप में मात्र 6000 महीने कमाकर अपने परिवार को पालने वाले राजस्थान के झुंझुनू निवासी 44 वर्षीय शिव लाल आज अपना स्वयं का स्वच्छता सेवा व्यवसाय चलाते हैं, जिससे उन्हें लगभग 18,186 रुपये के मासिक ऋण भुगतान और लगभग 8,000 रुपये के श्रम व्यय के लगभग 10,000-12,000 रुपये का महीने के नेट प्रॉफ़िट होता है।

वाल्मीकि समुदाय से संबंध रखने वाले शिव लाल को वर्षों तक कड़ी मेहनत और समर्पण के बावजूद लगातार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी, जिसके कारण तकनीकी कौशल हासिल करने और बेहतर वेतन वाली नौकरी प्राप्त करने के अवसर सीमित थे। उनकी लगभग 6,000 रुपये की मासिक आय घरेलू खर्चों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा की समुचित व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त नहीं थी।

शिव लाल का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था और उनकी पत्नी गृहिणी हैं। उनके 19 वर्षीय बेटे को हाल ही में कॉलेज में दाखिला मिला है, जबकि उनकी 10 वर्षीय बेटी अभी स्कूल में पढ़ रही है। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करना और बच्चों की शिक्षा संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने में उनके लिए लगातार चुनौती बना हुआ था। इसके बावजूद वो अपने परिवार की परिस्थितियों में सुधार लाने और अपने बच्चों के लिए एक अधिक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित रहे।

कई वर्षों तक स्वच्छता क्षेत्र में काम करने के बावजूद शिव लाल के आर्थिक उन्नति के अवसर सीमित थे। उनकी कम आय, तकनीकी कौशल की कमी और सीमित शैक्षणिक योग्यता ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने से रोक रखा था। स्वच्छता कार्य से जुड़े सामाजिक कलंक और भेदभाव ने उनके लिए और भी चुनौतियां खड़ी कर दीं। हालांकि, वो दिहाड़ी मजदूरी से आगे बढ़कर अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करना चाहते थे। उन्होंने एक ट्रैक्टर-सह-सक्शन मशीन खरीदने की योजना बनाई, जिससे वे स्वतंत्र रूप से स्वच्छता सेवाएं प्रदान कर सकें, बेहतर आय अर्जित कर सकें और अपने परिवार के जीवन स्तर में सुधार ला सकें।

12 अगस्त 2025 को एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब शिव लाल को ‘नमस्ते’ योजना के अंतर्गत स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। अग्रिम पूंजीगत सब्सिडी के रूप में दी गई इस सहायता से उन्हें ट्रैक्टर-सह-सक्शन मशीन खरीदने और अपना स्वयं का स्वच्छता सेवा व्यवसाय स्थापित करने में मदद मिली। इस परियोजना की कुल लागत 11,34,000 रुपये थी, जिसमें से 7,25,500 रुपये ऋण के माध्यम से और 4,08,500 रुपये पूंजीगत सब्सिडी के रूप में प्रदान किए गए। इस सहायता से उन्हें एक बड़ी वित्तीय बाधा को दूर करने और सहायक के रूप में काम करने से आगे बढ़कर स्वरोजगार करने वाले उद्यमी बनने में मदद मिली।

एक मामूली मासिक मज़दूरी से लेकर एक स्वतंत्र स्वच्छता उद्यम तक श्री शिव लाल का सफर दृढ़ता, अवसर और आत्मनिर्भरता के माध्यम से गरिमा प्राप्त करने के प्रयास का एक उत्कृष्ट उदहारण है।

 

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