उदयपुर के टाउन हॉल में लगी सिल्क प्रदर्शनी


उदयपुर के टाउन हॉल में लगी सिल्क प्रदर्शनी

देश भर से आए कारीगर, यहाँ पर पॉकेट फोल्डिंग साड़ी भी खास, इसके साथ ही 70 साल तक खराब नहीं होते, एसे कारपेट लेकर आए हैं

 
town hall

उदयपुर, 6 दिसंबर। शहर के टाउन हॉल में जारी 'सिल्क ऑफ इंडिया एक्जिबिशन' में जहां देशभर के अलग-अलग कोनों से तमाम कारीगर आए हैं और अपनी कारीगरी का प्रदर्शन कर रहे हैं यहां खास 30 से ज्यादा वैरायटी के सिल्क फ्रेबिक हैं। यहा कई राज्यों के 60 कारीगरों ने हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट आइटम के स्टॉल लगाए हैं। इसमें बनारस की बनारसी सिल्क, कश्मीर का पशमीना सिल्क, कोलकाता का रेशम सिल्क, मसलीन सिल्क, ओरगेंजा सिल्क, टिश्यू सिल्क, टसर सिल्क फैब्रिक सहित हैंडीक्राफ्ट बैग्स, फूड और डेकोरेटिव आइटम्स हैं। यह एक्जिबिशन 31 दिसंबर तक चलेगी।

खास पॉकेट साड़ी लेकर आए हैं।

कोलकाता के कारीगर खास पॉकेट साड़ी लेकर आए हैं। करीब 1650 रुपए की ये रेशम साड़ियां सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है, जो फोल्ड होकर एक छोटे से पाउच की तरह पैक हो जाती हैं। बॉलीवुड सेलिब्रिटिज की हाल ही पहनी साड़ियों के डिजाइन भी यहां अवेलेबल हैं। विंटर वेयर्स में कश्मीर की 20 हजार रुपए कीमत की कायनी शॉल और पशमीना शॉल भी आई हैं।

25 से ज्यादा वैरायटी के कारपेट, जिनकी कीमत साढ़े 5 लाख रुपए तक

  • कोलकाता से आए शौमित्र दास एक महीने में तैयार होने वाले जामदानी वर्क को कंटम्प्रेरी लुक में डिजाइन करके लाए हैं। इनके अलावा कतान सिल्क और मटका सिल्क की साड़ियां और सूट हैं। बांग्लादेश के सिल्क से खास कंथा वर्क हैंडलूम साड़ी है। एक साड़ी को बनाने में ढाई माह लगते हैं। मलमल के कपड़े पर नीडल थ्रेड वर्क होता है। इनकी कीमत 5 हजार रुपए तक हैं।
  • बिहार के भागलपुर की रॉ सिल्क की साड़ी की खास पहचान यह है कि इसे जलाते ही सिकुड़ने की बजाय राख बन जाती है। मधुबनी प्रिंट की यह साड़ी करीब 20 दिन में तैयार होती है। मधुबनी प्रिंट में इंडिगो, खादी कॉटन, साउथ कॉटन फैब्रिक की साडियां भी हैं।
  • उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर से आए कारीगर अपने साथ 25 से ज्यादा वैरायटी के कारपेट लेकर आए हैं। इनकी कीमत साढ़े 5 लाख रुपए तक है। ईरानी कारपेट में ईरान से प्योर सिल्क धागा मंगाते हैं। ये दावा करते हैं कि यह 70 साल तक खराब नहीं होते हैं। इसे बनाने में 6 महीने का समय लगता है।
  • यूपी के आजमगढ़ से आए जमाल साढ़े 3 लाख रुपए तक की साड़ियां लेकर आए हैं। इस साड़ी में बैंग्लोरी सिल्क पर चांदी की जरी है। इसके अलावा 12 हजार की रेशम की ऐसी हैंडलूम साड़ी लाए हैं जो पूरी एक रिंग में सिमट जाती है। टसर सिल्क, पटोला सिल्क, आसामी मूंगा साड़ी और कश्मीरी साड़ी खास है।

To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on   GoogleNews |  Telegram |  Signal