अरावली संरक्षण पर विशेष संवाद, माइनिंग एसोसिएशन के केजार अली ने सतत खनन और अवैध माइनिंग पर सख्ती की मांग उठाई

केजार बोले अरावली पर मंडरा रहा संकट, संरक्षण के साथ आवेध खनन पर लग्नी चाहिए रोक

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Conservation of Aravalis

 

Udaipur Times News, Aravali Range, Conservation of Aravalis, उदयपुर 11 अगस्त 2026 - उदयपुर में अरावली पर्वत शृंखला के संरक्षण को लेकर सरकार और प्रशासन गंभीर है।

इसी के चलते सोमवार August 10 को उदयपुर के ज़िला परिषद सभागार में एक विशेष संवाद का आयोजन किया गया। इस संवाद में विभिन्न संगठनों और विभागों के प्रतिनिधिओ एवं अधिकारियों ने भाग लिया। उदयपुर माइनिंग एसोसिएशन के केज़ार अली ने इस मोके पर अरावली के संरक्षण के महत्वता को लेकर अपने विचार रखते हुए कहा की आज के समय मैं अरावली का संरक्षणएक एसा मुद्दा बन चुका है जहां हमे मिनरल कंजरवेशन भी करना है। Conservation of Resources 

मिनेरल युसेज के बारे मे भी सूचना ,अरावली शंखला के संरक्षण के बारे मे भी सोचना है, देश की अर्थव्यवस्था के बारे में भी सूचना है, देश की आयात और निर्यात नीति के बारे मे भी सोचना है। उन्होंने कहा की राजस्थान मे करीब 60 से अधिक मेजर व माइनर क्रिटिकल मिनेरल निकलते है, जिसमे से कुछ मिनेरल्स की तो मोनोपॉली है, जिनमे जिंक , लेड, कोबाल्ट, निक्कल, आदि शामिल हैं।

तो वहीं, करीब 80% से अधिक सॉफ्ट स्टोन पूरे हिंदुस्तान का राजस्थान की इन अरावली पर्वत श्रंखला के पहाड़ों से ही निकला है। Udaipur News

केज़ार अली ने कहा की मिनर्लस को आज के समय मे देश की दूसरी इंडस्ट्रीज़ इस्तेमाल करती वो बहुत महत्वपूर्ण है। जितनी भी पैंट इंडस्ट्रीज़ है, पेपर इंडस्ट्रीज़ है, कॉस्मेटिक इंडस्ट्रीज़, फर्टिलाइज़ेर इंडस्ट्रीज़, सिमेन्ट इंडस्ट्रीज़, आयरन और स्टील इंडस्ट्रीज़ इसके अलावा हमारे रोज काम आने वाली चीजों मे सभी चीजों मे कही न कही मिनेरल्स शामील है। Conservation of Minerals 

इसको मद्दे नजर रखते हुए संबंधित कमेटी से उन्होंने गुजारिश करते हुए कहा की कमेटी द्वारा जो भी रिपोर्ट बनाकर सुप्रीम कोर्ट मे पेश की जाए उसमे ससटेनेबल माइनिंग पर ज़ोर दें, अवैध माइनिंग पर कड़ा शिकंजा कसा जाए, इसके लिए एक विशेष प्राधिकरण बनाया जाए और इस सुझाव का वो भी समर्थन करते है।

अवैध माइनिंग को रोकने के लिए सरकार को कठोर से कठोर कदम उठाने चाहिए और इस कदम मे उदयपुर माइनिंग एसोसिएशन भी सरकार को अपनी मदद देने को तय्यार है। उन्होंने कहा की अरावली का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी भी है, हमे अपने देश के प्रति इस जिम्मेदारी को निभाना चाहिए, जिससे उधयोगों के साथ-साथ देश की तरक्की हो। Illegal Mining 

अगर हम सभी चीजें इम्पोर्ट करने लगे मिनरल्स को तो हमारे यहां के मिनरल्स का क्या होगा; उलटी ज़्यादा अवैध माइनिंग हो जाएगी। अगर किसी भी वजह से मिनरल्स की माइनिंग रुकती है, जेसे सभी ब्रोकन-अप एरिया मे खुली पड़ी है ,तो इसके चलते तो आवैध माइनिंग शुरू हो जाएगी, पर्यावरण का नुकसान होगा ।

उन्होंने कहा की अरावली माइनिंग को लेकर जितनी भी बाते चल रही है उन सबको ध्यान मे रखते हुए कमेटी ऐसी रिपोर्ट दे जिस से कोई समाधान निकल पाए, चाहे उसमे 2 से 4 % की केपिग कर दे। उन्होंने कहा की सरकार से निवेदन है की माइनिंग को लेकर और अरावली से जुड़ा कोई भी अवैध काम हो रहा है तो उसे रोका जाए, इस मुद्दे के सिर्फ पाज़िटिव पहलू को देखा जाए अरावली के संरक्षण का काम हो। 

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