उदयपुर में दीपावली पर प्रदूषण की विशेष निगरानी होगी

 | 
Pollution Watch in udaipur on Diwali

 

Udaipur Times, Udaipur News:  राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा उदयपुर शहर में दीपावली के पावन अवसर पर वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की स्थिति का आंकलन करने के लिए 15 दिवसीय विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है। पिछले पांच वर्षों से लगातार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत इस वर्ष भी शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण के स्तर पर पैनी नजर रखी जा रही है।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षेत्रीय अधिकारी विनय कट्टा ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशानुसार, शहर के प्रमुख केंद्रों और मानकों के आधार पर यह निगरानी की जा रही है।

ईएसआई अस्पताल, अशोक नगर एवं सैटेलाइट अस्पताल, सेक्टर-6, हिरण मगरी इन दोनों स्थानों पर वायु प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख तत्वों जैसे के साथ-साथ लेड, निकेल, आर्सेनिक, एल्युमिनियम, बेरियम और आयरन जैसे भारी धातुओं के कणों का भी गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

इसके अलावा, राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम के अंतर्गत शहर के 5 निर्धारित केंद्रों (मादड़ी क्षेत्रीय कार्यालय, टाउनहॉल, अम्बामाता सैटेलाइट हॉस्पिटल, दूधतलाई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और चित्रकूट नगर ईएसआईसी हॉस्पिटल) पर दीपावली से 7 दिन पहले (1 नवंबर 2026) और दीपावली के दिन (8 नवंबर 2026) को 24 घंटे लगातार नियमित निगरानी की जाएगी।

ध्वनि प्रदूषण की भी होगी 6 घंटे लगातार जांच

दीपावली के दौरान ध्वनि प्रदूषण में होने वाले बदलावों को मापने के लिए 1 नवंबर और 8 नवंबर को शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक (6 घंटे) लगातार ध्वनि स्तर की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए शहर को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया हैं। व्यवसायिक क्षेत्र के अंतर्गत सूरजपोल गेट के पास, शांत क्षेत्र अंतर्गत एम.बी. हॉस्पिटल तथा आवासीय क्षेत्र में अम्बामाता स्कीम को रखा गया है।

पिछले 5 वर्षों में कब कैसी रही उदयपुर की हवा?

क्षेत्रीय प्रयोगशाला के आंकड़ों के मुताबिक, दीपावली के दिन उदयपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले पांच वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2021 (4 नवंबर) दीपावली के दिन एक्यूआई 315 (अति खराब) दर्ज किया गया था, जो पिछले 5 सालों में सबसे अधिक था। वर्ष 2022 (24 अक्टूबर) को प्रदूषण में सुधार हुआ और दीपावली पर एक्यूआई 194 (मध्यम), वर्ष 2023 (12 नवंबर) को भी हवा की स्थिति नियंत्रण में रही और एक्यूआई 193 (मध्यम) रिकॉर्ड किया गया। वर्ष 2024 (31 अक्टूबर) को प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ा और एक्यूआई 211 (खराब) की श्रेणी में पहुंच गया। वर्ष 2025 (20 अक्टूबर) अर्थात् पिछले वर्ष दीपावली के दिन हवा और ज्यादा प्रदूषित होकर 226 (खराब) के स्तर पर दर्ज की गई थी।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News