उदयपुर से शुरू हुई प्रदेश की पहली मोबाइल FSL वैन सेवा

कानून व्यवस्था को वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम
 | 
Thumbnail SEO Text: Rajasthan’s first mobile forensic van launched in Udaipur

उदयपुर, 6 नवंबर 2025- केंद्रीय सरकार की नई पहल के तहत प्रदेश में अपराध जांच को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नवीन मोबाइल FSL (Forensic Science Laboratory) वैन सेवा की शुरुआत गुरुवार को उदयपुर रेंज मुख्यालय से की गई।

इस अवसर पर उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव, FSL निदेशक, तथा संभाग के सभी जिलों के एसपी, अतिरिक्त एसपी, डिप्टी एसपी, थाना अधिकारी, क्राइम असिस्टेंस, एमओवी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आईजी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र सरकार की पहल को ध्यान में रखते हुए “Scientific Aids to Investigation” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें फॉरेंसिक टूल्स द्वारा साक्ष्य संग्रहण और विश्लेषण की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में अपराधी अपराध करने के बाद हर संभव तरीके से पुलिस को भ्रमित करने, साक्ष्य मिटाने और अपनी पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में फॉरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित जांच ही अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी और न्यायालय में सजा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि कई मामलों में पीड़ित या प्रत्यक्षदर्शी मुकर जाते हैं, ऐसे में फॉरेंसिक साक्ष्यों की मदद से आरोपियों को सजा दिलाना संभव हो पाता है। पुलिस अब इस संस्कृति को और बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।

Forensic Van

FSL निदेशक ने बताया कि नए कानून BNSS की धारा 176(3) के तहत अब उन मामलों में FSL जांच अनिवार्य कर दी गई है जिनमें 7 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में क्राइम सीन पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति आवश्यक होगी।

इसी दिशा में अतिआधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वाहन (FSL Van) की शुरुआत उदयपुर से की गई है। प्रत्येक जिले को एक-एक FSL वैन दी जाएगी, जो घटना स्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र करेगी और प्राथमिक रिपोर्ट तैयार करेगी।

इस रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया जाएगा कि क्या नमूनों को प्रयोगशाला भेजना आवश्यक है या नहीं।

राजस्थान को देश में सर्वाधिक 56 मोबाइल FSL वैन आवंटित की गई हैं। इन वैनों में सभी आवश्यक आधुनिक उपकरण और फॉरेंसिक किट्स उपलब्ध रहेंगे। इससे पुलिस टीमों को त्वरित कार्रवाई करने और अपराध जांच को वैज्ञानिक दिशा देने में बड़ी सहायता मिलेगी।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News