Udaipur Times, Rajasthan News: राजस्थान के वस्त्र उद्योग क्लस्टरों (बालोतरा, जसोल, पाली, सांगानेर और जोधपुर) में पर्यावरण मानकों की पालना और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से संबंधित मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार जोजरी, बांडी, लूनी और सांगानेर बेसिन में कड़े पर्यावरणीय नियम लागू किए गए हैं। इसमें दीवानी जुर्माने के स्थान पर क्रिमिनल लाइबिलिटी तय किया गया है। पिछले 35 दिनों में 2,000 से अधिक वस्त्र एमएसएमई इकाइयां सील की गई हैं।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक में बताया कि नदियों में प्रदूषण नियंत्रण अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं पर्यावरण सुधार के लिए रिवर बेल्ट के रेस्टोरेशन का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा, रिवर बेसिन अथॉरिटी द्वारा रेगुलेटरी जोन बनाए जाएंगे, ड्रेनेज का कार्य पुनः किया जाएगा, नदियों से स्लज(गाद) को हटाया जाएगा। साथ ही, एआई के माध्यम से वॉटर ट्रीटमेंट टूल्स का उपयोग किया जाएगा।
बैठक में वीसी के माध्यम से जुड़ी केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव ने आश्वासन दिया कि नदियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
बैठक में IPDS के अन्तर्गत प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टरों एवं सीईटीपी की स्थिति की जानकारी दी गई।
बैठक में बताया कि बालोतरा में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) वाला 18 MLD क्षमता का संयंत्र परियोजना की लागत 131.90 करोड़ रुपये है, जिसमें केन्द्र सरकार का अंशदान 65.95 करोड़ रुपये है। RSPCB द्वारा पिछले कुछ महीनों से बंद है।
जसोल में 2.5 MLD (ZLD) क्षमता का संयंत्र परियोजना की लागत 38.50 करोड़ रुपये है, जिसमें केन्द्र सरकार का अंशदान 19.25 करोड़ रुपये है। वर्तमान में RSPCB द्वारा केवल 1.1 MLD पर संचालित करने की अनुमति दी गई है।
पाली में (यूनिट VI) के 12 MLD (ZLD) क्षमता संयंत्र की लागत 100 करोड़ रुपये है, जिसमें केन्द्र सरकार का हिस्सा 50 करोड़ रुपये है। वर्तमान में 3 MLD क्षमता पर संचालित है।
नेक्स्टजेन टेक्सटाइल पार्क, पाली के 4 MLD स्थापित क्षमता में से 3 MLD पर संचालित है। जिसकी लागत 129.42 करोड़ रुपये है, जिसमें से केन्द्र सरकार का अंशदान 64.71 करोड़ रुपये है।
सांगानेर (जयपुर) के 12.3 MLD क्षमता संयंत्र की लागत 159 करोड़ रुपये है, जिसमें केन्द्र सरकार का अंशदान 75 करोड़ रुपये है। वर्तमान में 1.5 MLD पर आंशिक रूप से संचालित है।
बैठक में वीसी के माध्यम से जुड़ी केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव ने आश्वासन दिया कि नदियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए संचालित विभिन्न स्कीम/प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार की तरफ से लम्बित भुगतान जल्द किया जाएगा, हर सम्भव वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
जोधपुर में 306 टेक्सटाइल इकाइयों का औसत अपशिष्ट आवक वर्तमान में उद्योगों के बन्द होने के कारण शून्य है। ZLD अपग्रेडेशन की समय-सीमा 31 दिसंबर, 2027 तय की गई है।
CPV द्वारा नॉन कम्प्लायंस के मामले में रीको को सीईटीपी की स्थापना की अनुमति देने के लिए बैठक में केन्द्र सरकार से आग्रह किया गया।
राज्य सरकार द्वारा सहायता एवं वित्तपोषण योजनाएं
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा CETP संयंत्रों के ZLD तकनीक पर अपग्रेडेशन हेतु विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता दी जा रही है।
CETP स्थापना/अपग्रेडेशन सहायता योजना में प्रति MLD 18 करोड़ रुपये (अधिकतम 100 करोड़ रुपये की सीमा) तक 75% प्रोजेक्ट कॉस्ट का प्रावधान है।
RIICO औद्योगिक क्षेत्रों में HAM मॉडल योजना में प्रति MLD 18 करोड़ रुपये (अधिकतम 150 करोड़ रुपये की सीमा) पर 80% सहायता तथा 20% अंशदान SPV द्वारा किया जाता है।
गैर-RIICO क्षेत्रों में HAM मॉडल योजना में प्रति MLD 18 करोड़ रुपये (अधिकतम 150 करोड़ रुपये की सीमा) पर 80% वित्तीय सहायता दी जाती है।
भावी समाधान एवं त्वरित कदम
केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से सभी कॉमन एफ़्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स (CETPs) को शीघ्र ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक में अपग्रेड करने पर बैठक में मंथन किया गया। RIICO द्वारा स्वयं CETP स्थापित एवं संचालित करने हेतु नीतिगत दिशा-निर्देश तैयार करने,
नियमों का उल्लंघन करने वाले डिफ़ॉल्टरों के खिलाफ सख्त व समयबद्ध कार्रवाई तथा सतत निगरानी प्रणाली लागू करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रदुषण नियंत्रण मण्डल की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा, उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष RIICO शिखर अग्रवाल, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर सावंत एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
