एडवांस ऑर्बिटल ट्यूमर का मल्टीडिसिप्लिनेरी अप्प्रोच के साथ GMCH में चिरंजीवी योजना में हुआ निःशुल्क सफल इलाज


एडवांस ऑर्बिटल ट्यूमर का मल्टीडिसिप्लिनेरी अप्प्रोच के साथ GMCH में चिरंजीवी योजना में हुआ निःशुल्क सफल इलाज

गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल पिछले सतत् 16 वर्षों से एक ही छत के नीचे सभी विश्वस्तरीय सेवाएं दे रहा है
 
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गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में आने वाले रोगियों को मल्टी डिसिप्लिनरी दृष्टिकोण द्वारा इलाज किया जाता है। अभी हाल ही में भीलवाड़ा निवासी 58 वर्षीय महिला रोगी के दुर्लभ ट्यूमर का सफल ऑपरेशन करके रोगी को नया जीवन प्रदान किया गया। इस हाई रिस्क ऑपरेशन को कैंसर सर्जन डॉ. आशीष जखेटिया, डॉ. अजय यादव, एनेस्थिसियोलोजिस्ट डॉ . नवीन पाटीदार व न्यूरो सर्जन डॉ उदय भौमिक, डॉ गोविन्द मंगल व उनकी टीम द्वारा किया गया। 

विस्तृत जानकारी

डॉ आशीष ने जानकारी दी 58 वर्षीय रोगी जब गीतांजली कैंसर सेंटर आयी तब रोगी की बाईं आँख कीड़े पड़ जाने से पूरी तरह से ख़राब हो चुकी थी और आँख की रोशनी भी चली गयी थी। रोगी की आँख में एडवांस्ड स्टेज का ट्यूमर बन चुका था जिस कारण रोगी का इलाज करने से कई हॉस्पिटल ने मना कर दिया।  रोगी के गीतांजली कैंसर सेंटर आने के बाद सबसे पहली स्टेज में उसकी आँख को साफ़ करके सारे कीड़े निकाले गए। इसके पश्चात् रोगी की आवश्यक जांचे की गयी जिसमें पाया गया कि ट्यूमर ने रोगी की बाईं आँख में ट्यूमर पूरी तरह फैल चुका था। 

बाईं आँख की मुख्य नाड़ी जिसे ऑप्टिक नर्व बोलते हैं उसके द्वारा ट्यूमर आँख से अन्दर प्रवेश करना शुरू हो गया था परन्तु मस्तिष्क तक नही पंहुचा था। इस तरह के ट्यूमर की मल्टीडिसिप्लिनेरी बोर्ड में मेडिकल, सर्जिकल एवं रेडिएशन के डॉक्टर्स की टीम में चर्चा की गयी व रोगी के लिए सभी डॉक्टर्स की सलाह से इस तरह के अक्रामक कैंसर के लिए रेडिकल सर्जरी की योजना बनाई गयी। 

चूँकि रोगी का ट्यूमर आँख के काफी अन्दर तक जा चुका था ऐसे में जब ट्यूमर को निकाला जाता है तो दूसरे आँख की रोशनी जाने का भी खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में संयुक्त रूप से सर्जरी की योजना की गयी जिसमें कैंसर सर्जन व न्यूरो सर्जन की टीम ने मिलकर रोगी का एक ही समय में सर्जरी की।  कैंसर सर्जन की टीम ने रोगी के आँख से ट्यूमर को पूर्णतः हटा दिया और न्यूरो सर्जन की टीम ने सिर और आँख के बीच हड्डी को काट कर मस्तिष्क के अन्दर आंखों की नसों को पहचान कर कैंसर ग्रस्त नस को ब्रेन से सुरक्षित अलग कर दिया गया। 

डॉ उदय भौमिक ने बताया कि रोगी की ऑप्टिकल नर्व को दो भागों में विभाजित कर दिया जिससे की रोगी की आँख को सफलतापूर्वक ट्यूमर से मुक्त किया गया। इसके पश्चात् रोगी की आँख जो कि एडवांस ट्यूमर के कारण काफी ख़राब हो गयी थी, उसमें से ट्यूमर को हटाकर उसके लिए कैंसर सर्जन की टीम ने आँख के ख़राब हिस्से की प्लास्टिक सर्जरी कर पुनर्निर्माण किया। 

जीएमसीएच के सीईओ प्रतीम तम्बोली ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह की दुर्लभ सर्जरी क्वॉटरनरी केयर सेंटर में संभव हो पाती है, गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल एक क्वॉटरनरी केयर सेंटर हैं जहां अलग- अलग विभागों के सम्पूर्ण डॉक्टर्स एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय एवं नवीनतम तकनीकों के साथ यहाँ आने वाले रोगियों का निरंतर इलाज कर रहे हैं। 

रोगी बहुत गरीब परिवार से है, ऐसे में इस तरह की जटिल सर्जरी का खर्चा वहन करना बहुत मुश्किल था। इस तरह के जटिल इलाज को मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में निःशुल्क इलाज किया गया। रोगी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिरंजीवी योजना में निःशुल्क इलाज हेतु आभार प्रकट किया और साथ ही गीतांजली हॉस्पिटल एवं इलाज करने वाली डॉक्टर्स की टीम को भी धन्यवाद अर्जित किया। 

गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल पिछले सतत् 16 वर्षों से एक ही छत के नीचे सभी विश्वस्तरीय सेवाएं दे रहा है और चिकित्सा क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करता आया है, गीतांजली हॉस्पिटल में कार्यरत डॉक्टर्स व स्टाफ गीतांजली हॉस्पिटल में आने प्रत्येक रोगी के इलाज हेतु सदेव तत्पर है। 

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