बोहरा समुदाय में लड़कियों के खतना (FGM) पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

9 जजों की संविधान पीठ ने मौखिक टिप्पणियों में संकेत दिया कि प्रथा संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत 'स्वास्थ्य' और 'नैतिकता' की कसौटी पर टिकना मुश्किल
 | 
Supreme court

नई दिल्ली 8 मई 2026। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला रेफरेंस मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को दाऊदी बोहरा समुदाय में प्रचलित महिला जननांग विकृति (Female Genital Mutilation) की प्रथा पर गंभीर चिंता जताई। 9 जजों की संविधान पीठ ने मौखिक टिप्पणियों में संकेत दिया कि प्रथा संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत 'स्वास्थ्य' और 'नैतिकता' की कसौटी पर टिकना मुश्किल हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि महिला शरीर की स्वायत्तता, मानसिक अखंडता और यौन अधिकारों पर असर डालने वाली किसी भी धार्मिक प्रथा की न्यायिक परीक्षण जरूरी है। FGM को चुनौती देने वाली याचिकाएं सबरीमाला रेफरेंस के साथ जोड़ी गई हैं, क्योंकि इस मामले में अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता और संप्रदायों के अधिकारों की संवैधानिक सीमाओं पर विचार हो रहा है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि यह प्रथा 7 साल तक की बच्चियों पर की जाती है और इससे उनके शरीर में अपरिवर्तनीय बदलाव होते हैं, जो यौन और प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि FGM के मामले में अदालत को शायद दूसरे अधिकारों तक जाने की भी जरूरत न पड़े, क्योंकि अनुच्छेद 25 में 'स्वास्थ्य' और 'लोक स्वास्थ्य' के आधार पर ही ऐसी प्रथा पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब कोई प्रथा शरीर के महत्वपूर्ण अंग को प्रभावित करती है, तो वह सीधे स्वास्थ्य के दायरे में आती है।

लूथरा ने कहा कि यह महिला शरीर के एक अहम अंग को क्षति पहुंचाने वाली प्रक्रिया है, जिससे शारीरिक, प्रजनन और भावनात्मक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि यह प्रथा अनुच्छेद 25 के तहत 'नैतिकता' की कसौटी पर भी सवालों के घेरे में आती है।

पीठ ने यह भी माना कि यदि किसी धार्मिक प्रथा का असर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक अखंडता पर पड़ता है, तो अदालत को उसकी जांच करनी होगी।

Source: Media Reports

#SupremeCourt #FGM #FemaleGenitalMutilation #DawoodiBohra #Article25 #SabarimalaCase #ConstitutionOfIndia #WomenRights #BodilyAutonomy #IndiaNews
 

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News