सैयदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन ने दिया सुसंस्कृत जीवन का संदेश

चेहलुम के अवसर पर 30,000 से अधिक समुदाय के सदस्य एकत्रित

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Syedna Mufaddal Saifuddin

उदयपुर 14 अगस्त 2025। विश्वव्यापी दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन साहब ने गुरुवार को चेहलुम के अवसर पर दिये गये भावपूर्ण संबोधन में सुसंस्कृत जीवन का संदेश दिया। करबला, इराक में पैग़ंबर मोहम्मद (स.अ.व.) के नवासे, इमाम हुसैन की शहादत के बाद 40वें दिन की याद में चेहलुम मनाया जाता है। उदयपुर और विदेशों से लगभग 28,000 दाऊदी बोहरा सदस्य बुरहानी मस्जिद परिसर तथा शहर और आसपास के अन्य केंद्रों में प्रवचन को सुनने के लिए एकत्र हुए।

सैयदना साहब ने “उदय” अर्थात सूर्याेदय, के रूपक का उपयोग करते हुए कहा कि जैसे एक शुभ शुरुआत और उद्देश्यपूर्ण जीवन का अंत सकारात्मक होता है, वैसे ही हर नेक इरादा और अच्छा कर्म इंसान को सदाचार और सफलता के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने बताया कि जैसे सूर्याेदय एक नये दिन का वादा लेकर आता है, वैसे ही हर अच्छा कार्य एक नई यात्रा का प्रारंभ करता है जो सद्गति की ओर ले जाती है।

युवाओं को संबोधित करते हुए सैयदना साहब ने शिक्षा, अनुशासन और शारीरिक स्वास्थ्य को सफल जीवन के तीन प्रमुख स्तंभ बताया। उन्होंने सूर्याेदय देखने के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों का भी उल्लेख किया। अपने संबोधन के अंत में सैयदना साहब ने इमाम हुसैन को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और अन्याय के विरुद्ध उनके अडिग संकल्प की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

सैयदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन अपनी यात्राओं के दौरान दिये जाने वाले प्रवचन में वैश्विक मुद्दों और स्थानीय समुदाय की चुनौतियों दोनों का जिक्र करते हैं। ये प्रवचन पारंपरिक मान्यताओं को समकालीन संदर्भों से जोड़ते हैं। वे श्रोताओं से सीधे संवाद करते हैं, विशेष रूप से बच्चों से, जिन्हें आगे बैठाया जाता है।