हजरत इमाम हुसैन (अ.) की याद में दस दिवसीय रोज़ा-मजलिस का आगाज़
उदयपुर में शुरू हुई दस दिवसीय रोज़ा-मजलिसें, कर्बला के संदेश पर हुआ प्रकाश
Udaipur Times News, Muharram2026 , उदयपुर, 17 जून 2026। पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.व.) के नवासे, इंसानियत के सच्चे रहनुमा एवं शहीदे-आज़म हजरत इमाम हुसैन (अ.) की याद में दस दिवसीय रोज़ा-मजलिसों का आयोजन 17 जून 2026 से 26 जून 2026 तक शिया जामा मस्जिद एवं इमामबारगाह, अजंता होटल गली, हाथीपोल, उदयपुर में किया जा रहा है।
मजलिसों को संबोधित करने हेतु प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से पधारे हुज्जतुल इस्लाम मौलाना डॉ. सैय्यद मेराज साहब ने अपनी पहली मजलिस में मोहर्रम के महत्व एवं कर्बला के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए मोहर्रम कोई सामान्य महीना नहीं, बल्कि इस्लामी वर्ष का प्रथम महीना है, जो त्याग, सब्र और कुर्बानी की याद दिलाता है। IslamicEvents
मौलाना ने कहा कि मोहर्रम की 10वीं तारीख, जिसे ‘‘यौमे आशूरा’’ कहा जाता है, इस वर्ष 26 जून 2026 को मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कर्बला की घटना आज भी पूरी दुनिया में इसलिए याद की जाती है क्योंकि यह सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए दी गई सबसे महान कुर्बानियों में से एक है।
उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (अ.) ने अत्याचारी शासक यजीद की बैअत स्वीकार करने से इंकार कर दिया था। Udaipur News
यजीद अपने शासन को बलपूर्वक स्थापित करना चाहता था, जबकि इमाम हुसैन (अ.) ने अन्याय और अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सत्य एवं इंसाफ का मार्ग चुना। इसी संघर्ष ने कर्बला की ऐतिहासिक घटना को जन्म दिया, जहां इमाम हुसैन (अ.) और उनके साथियों ने मानवता और न्याय की रक्षा के लिए अपनी जानों की कुर्बानी पेश की। IslamicEvents
मजलिस के अंत में इमाम हुसैन (अ.) एवं शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया तथा मोमिनीन ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर कर्बला के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
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