डूंगरपुर में पुलिस हिरासत में दिलीप आहारी की मौत के बाद तनाव

दिलीप आहारी की मौत के बाद कलेक्टोरेट के बाहर ग्रामीणों और नेताओं ने किया प्रदर्शन
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Protest in Dungarpur after Dilip Ahari dies in police custody

डूंगरपुर | डूंगरपुर में दिलीप अहारी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं।

सोमवार को दिलीप की तबीयत बिगड़ने और उपचार के दौरान मौत हो जाने के बाद परिजन और ग्रामीण कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने दोवड़ा पुलिस पर दिलीप के साथ मारपीट का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था, “मेरा बेटा पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन पुलिस ने बेरहमी से पीटा। इसी वजह से उसकी मौत हुई है।”

धरने में बीएपी विधायक उमेश डामोर भी शामिल हुए।

उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।

DUNGARPUR DEATH

विधायक डामोर ने कहा, “जिन पुलिसकर्मियों ने मारपीट की है, उन्हें तुरंत निलंबित कर सख्त सजा दी जानी चाहिए। ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” मंगलवार सुबह बीएपी सांसद राजकुमार रोत भी प्रदर्शन में पहुंचे।

उन्होंने कहा, “दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

यदि युवक के साथ अनहोनी होती है, तो परिवार को एक सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए।

” इधर, एक दिन पहले दिलीप की मौत की अफवाह फैलने पर आक्रोशित लोग दोवड़ा थाने के पास तिराहे पर जमा हो गए थे।

इस दौरान दो बार जाम लगाया गया, जिसे पुलिस ने समझाइश कर खुलवाया। इसी दौरान सराड़ा से ड्यूटी पर पहुंचे डीएसपी चांदमल सिंगाड़िया अपनी सरकारी कार से थाने की ओर जा रहे थे। तभी कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी रोक ली और हंगामा किया।

पीछे से आए कुछ अन्य युवकों ने पथराव कर दिया, जिससे कार के शीशे टूट गए।

एक युवक कार का दरवाजा खोलने की कोशिश में विफल रहा तो साइड ग्लास तोड़ दिया और गाड़ी पर मुक्के मारे। हालांकि, पथराव में डीएसपी को कोई चोट नहीं आई। प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच जारी है और पुलिसकर्मियों व उपद्रवियों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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