Udaipur Times, Isarda Dam Project: ईसरदा बांध परियोजना दौसा एवं सवाई माधोपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना के रूप में आकार ले रही है। इससे आने वाले समय में इन क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की तस्वीर बदल जाएगी। Isarda Dam Project
ईसरदा बांध के पानी को उपचारित कर गांवों और कस्बों तक पहुंचाने वाली ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना अब निर्माण से जलापूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। करीब 3 हजार 588 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 1 हजार 256 गांवों और 6 कस्बों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। परियोजना के तहत 3 लाख 6 हजार 198 से अधिक जल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिससे करीब 35 लाख आबादी को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल का लाभ मिलेगा। Isarda Dam Project
बांध से फिल्टर प्लांट तक पहुंचा पानी
परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में 225 एमएलडी क्षमता के फिल्टर प्लांट का तैयार होना शामिल है। फिलहाल प्लांट की टेस्टिंग और कमिशनिंग का कार्य चल रहा है। ईसरदा बांध स्थित इंटेक वेल से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा चुका है। यानी परियोजना अब उस चरण में प्रवेश कर रही है, जहां बांध का पानी उपचारित होकर विशाल पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंचाने की तैयारी है। Isarda Dam Project
341 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन में 299 किलोमीटर का काम पूरा
परियोजना के प्रथम पैकेज में ईसरदा इंटेक वेल से महुआ तक 341 किलोमीटर मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन प्रस्तावित है। इसमें से करीब 299 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। ईसरदा और बगड़ी में स्वच्छ जलाशयों तथा फिल्टर प्लांट का निर्माण भी पूरा हो चुका है। प्रथम पैकेज पर अब तक 1,005.60 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। ईसरदा बांध पर इंटेक वेल एवं पंप हाउस का भवन निर्माण भी पूरा हो चुका है। यह कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा द्वितीय पैकेज के तहत कराया गया है। Isarda Dam Project
क्लस्टरों में आगे बढ़ रहा पेयजल नेटवर्क
परियोजना को विभिन्न क्लस्टरों में आगे बढ़ाया जा रहा है। लालसोट क्लस्टर में 302 गांवों और लालसोट शहर को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। यहां 2,002 किलोमीटर पाइपलाइन में से 124.7 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है तथा 47 में से 11 उच्च जलाशयों का निर्माण प्रगति पर है। Dausa News
दौसा क्लस्टर में 248 गांवों एवं दौसा शहर को नेटवर्क से जोड़ने के लिए 1,709 किलोमीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है। इसमें से 154 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। 52 उच्च जलाशयों में से 11 तथा 9 स्वच्छ जलाशयों में से 2 का निर्माण प्रगतिरत है।
बसवा क्लस्टर में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को लाभ मिलेगा। यहां प्रस्तावित 2,077 किलोमीटर पाइपलाइन में से 1,801 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इस पैकेज पर अब तक 217.17 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इसी प्रकार महुआ क्लस्टर में प्रस्तावित 315 किलोमीटर पाइपलाइन में से 244 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है और इस कार्य पर 60.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। Dausa News
सवाई माधोपुर के 177 गांव भी जुड़ेंगे
परियोजना का विस्तार सवाई माधोपुर जिले तक भी किया जा रहा है। षष्ठम पैकेज में बौंली तहसील के 99, मलारना डूंगर के 61 तथा चैथ का बरवाड़ा के 17 गांवों सहित कुल 177 गांवों को पेयजल सुविधा से लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 260.62 करोड़ रुपये का कार्यादेश 6 सितंबर 2025 को जारी किया जा चुका है। Sawai Madhopur News
नवंबर तक शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति का लक्ष्य
परियोजना के शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ गति दी जा रही है। नवंबर तक शहरी क्षेत्रों को मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही जिन ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां चरणबद्ध रूप से पेयजल नेटवर्क से कनेक्शन जोड़कर जलापूर्ति शुरू की जाएगी।
ईसरदा का पानी अब केवल एक बांध का जल नहीं, बल्कि दौसा और सवाई माधोपुर के लाखों लोगों के लिए दीर्घकालीन, गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित पेयजल आपूर्ति की उम्मीद बन रहा है। विशाल ट्रांसमिशन नेटवर्क, फिल्टर प्लांट, जलाशयों और वितरण तंत्र के रूप में तैयार हो रहा यह ढांचा आने वाले समय में दोनों जिलों के पेयजल प्रबंधन को नई दिशा दे सकता है। परियोजना के विभिन्न पैकेजों में तेजी से आगे बढ़ते कार्य इस बदलाव की मजबूत आधारशिला तैयार कर रहे हैं।