राजस्थान मे 9 अस्पताल का TMS और 3 डॉक्टर्स की ID ब्लॉक की गई

 | 
Rajasthan Health News

 

Udaipur Times, RGHS News, Rajasthan Health News: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) दो हजार रूपए से अधिक की जांचों को प्री-ऑथराइजेशन के दायरे से बाहर रखने के लिए जांचों को अलग-अलग दिनों में करवाने की ऐसी गतिविधियों की डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से पहचान की जा रही है। इससे मरीजों को अनावश्यक परेशानी होती है और योजना की निर्धारित प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जांच के आधार पर 9 अस्पतालों का TMS तथा 3 डॉक्टरों की डॉक्टर ID ब्लॉक की गई है।

कोटा के दो अस्पतालों का TMS ब्लॉक किया गया है। दोनों मामलों में एक ही चिकित्सक के एक ही दिन दोनों अस्पतालों में काम करने की बात सामने आई। इसी मामले में डॉक्टर की ID भी ब्लॉक की गई है।

अलवर के एक अस्पताल में एक डॉक्टर के नाम से लिखे गए प्रिस्क्रिप्शन में अलग-अलग हैंडराइटिंग और सिग्नेचर पाए गए। अलवर के एक अन्य अस्पताल में कई OPD प्रिस्क्रिप्शन में डॉक्टर की सील और सिग्नेचर का एक जैसा पैटर्न पाया गया। वहीं जोधपुर के अस्पताल में एक चिकित्सक के नाम से दो अलग-अलग हैंडराइटिंग और दो अलग सिग्नेचर पैटर्न सामने आए।

दौसा में एक अस्पताल द्वारा पर्याप्त क्लिनिकल फाइंडिंग और जस्टिफिकेशन के बिना जांचें लिखने तथा जरूरत से ज्यादा जांचों की सलाह देने का मामला सामने आया। दौसा में ही अन्य अस्पताल में डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन के सिग्नेचर और मैनुअल प्रिस्क्रिप्शन में अंतर सहित अन्य अनियमितताएं पाई गईं।

अलवर के एक अस्पताल में करीब 65 मामलों में पॉलीइथिलीन ग्लाइकोल लिखे जाने तथा कई मामलों में इसके लिए संबंधित क्लिनिकल इंडिकेशन दर्ज नहीं होने की बात सामने आई। कई मामलों में सीरम आयरन जांच भी बिना स्पष्ट लक्षण, क्लिनिकल फाइंडिंग या डायग्नोसिस के लिखी गई।

बीकानेर के अस्पताल से जुड़े चिकित्सक की डॉक्टर आईडी भी ब्लॉक की गई है। अलग-अलग मरीजों की शिकायतों के बावजूद बार-बार समान जांचें लिखे जाने का मामला सामने आया।

जयपुर के अस्पताल से जुड़े डॉक्टर की ID अलग हैंडराइटिंग पाए जाने के कारण ब्लॉक की गई है। इसके अलावा उदयपुर के एक अस्पताल का TMS  भी विभिन्न मामलों के चलते ब्लॉक किया गया है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य RGHS के तहत उपचार और क्लेम की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना, अनावश्यक जांचों पर रोक लगाना तथा योजना का लाभ लेने वाले मरीजों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News