शहीदे आज़म अशफ़ाक उल्ला खान को मुस्लिम महासंघ ने खिराजे अकीदत पेश की

उनकी याद में 78 स्वेटर वितरित किये
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ashfq ullah khan

उदयपुर 19 दिसंबर 2024। मुस्लिम महासंघ प्रदेश उपाध्यक्ष सैयद दानिश अली ने बताया कि 19 दिसंबर 1927 को शहीदे आज़म अशफाक उल्ला खान, रामप्रसाद बिस्मिल और राजेन्द्र लाहिड़ी को काकोरी कांड मे अंग्रेजो ने फ़ासी की सजा दी थी। फांसी के वक़्त अशफाक उल्ला खान ने यह पंक्तियाँ  कही थी  "बहुत जल्द टूटेगी गुलामी की ये जंजीरे किसी दिन देखना आजाद ये हिन्दोस्तां होगा"।  

मुस्लिम महासंघ ने अशफाक उल्ला खान को खिराजे अक़ीदत पेश करते हुए महावत वाड़ी स्थित स्कूल मदरसे मे 78 गरीब स्कूली बच्चों को स्वेटर बांटे साथ ही बच्चों को देश से प्रेम करने की जानकारी देते हुए भारत की आज़ादी मे किस तरह से कुर्बानी दी प्रदेश अध्यक्ष मुहम्मद हनीफ ने शिक्षा के महत्व को बताते हुए कहा शिक्षा के साथ धन व समाज मे इज्जत अपने आप मिलती है।

राष्ट्रीय सचिव इरफ़ान मुल्तानी ने आज़ादी कि लड़ाई पर विस्तार से जानकारी दी और बताया जिन्होंने कुर्बानी दे कर आज़ाद भारत दिया उसको दुनिया मे नम्बर वन बनाना है। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बक्ष ने कहा कि अनुशासित जीवन और तालीम हासिल कर ही हम देश सेवा कर सकते है। कार्यक्रम का संचालन संभाग अध्यक्ष तौकिर रज़ा ने किया व मोहल्ला सचिव वसीम अहमद ने सभी का शुक्रिया अदा किया। इसी क्रम मे 19 दिसंबर को सूरजपोल उदयपुर मे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। 

मुस्लिम महासंघ के प्रदेश महासचिव हिदायतुल्ला मंसूरी ने देश वासियो से आह्वान किया शहीदो की कुर्बानी की वजह से ही हम आज स्वतंत्र भारत मे सांस ले रहे है इनको याद करते रहना चाहिए उनके नाम से एक दीपक ही प्रजलवित करे।  

इस अवसर पर एडवोकेट समाज सेवी भारत कुमावत  वामसेफ़ पी आर सालवी, दलपत कुमावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शफी मेकेनिक, राष्ट्रीय संगठन सचिव नासीर खान ,संभाग सचिव अतीक अहमद, संभाग उपाध्यक्ष मुजीबुद्द्दीन खान, गणपत मीणा, जिला संयुक्त सचिव नज़र मुहम्मद तनवीर चिशती, फिरोज मुहम्मद आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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