सेप्टिक टैंक सफाई की दौरान दो लोगो की मौत, दो घायल


सेप्टिक टैंक सफाई की दौरान दो लोगो की मौत, दो घायल

मृतकों और पीड़ितों के परिवार को पच्चीस लाख मुआवज़े की मांग

 
death of cleaning staff
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उदयपुर 14 जुलाई 2023 । सज्जनगढ़ इलाके में स्थित जस्ता (JUSTA) होटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे दो युवको की ज़हरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। तो वहीँ दो अन्य लोगो को गंभीर हालत में एमबी हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। 

घटना आज दोपहर डेढ़ बजे की बताई जा रही है जब होटल के सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे दो निजी व्यक्तियो की टैंक से आवाज़ आना बंद हो गई जिस पर वहां मौजूद उसके एक अन्य साथी ने टैंक के अंदर उतर कर उनकी जान बचाने की कोशिश की। उसको देखकर होटल के एक कर्मचारी ने भी टैंक में छलांग लगा दी लेकिन वह दोनों भी बेहोश हो गए, जिन्हे घटना के बाद इकट्ठा हुए लोगो द्वारा टैंक से बाहर निकला गया और इलाज के लिए एमबी हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ पर दो लोगो को डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया गया और दो अन्य को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भर्ती कर दिया गया। 

घटना में मृतक की पहचान 34 वर्षीय विजय कल्याण निवासी इंद्रानगर और 27 वर्षीय महेंद्र छापरवाल निवासी बीड़ा खांजीपीर के रूप में हुई तो वहीँ दो अन्य पीड़ितों की पहचान 29 वर्षीय विनोद नकवाल निवासी बीड़ा खांजीपीर और होटल कर्मचारी 29 वर्षीय रामकरण निवासी यूपी के रूप में हुई। 

प्रत्यक्षदर्शियो से मिली जानकारी के अनुसार दोनो कर्मचारी बिना किसी सेफ्टी उपकरण के टैंक में उतरे थे, उनके पास सिर्फ एक रस्सी थी। घटना से नाराज़ बड़ी मात्रा में लोग मुर्दाघर के बाहर पहुंचे और उन्होंने होटल मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी करते उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की। 

समाज के प्रतिनिधि और पूर्व पार्षद बाबूलाल घावरी ने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह एक दुःखद घटना है जिसमे दो युवको ने होटल मैनेजमेंट की लापरवाही की वजह से अपनी जान खो दी। इस मामले में सबसे बड़ा दोषी होटल मैनेजमेंट है जिसके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए, साथ ही होटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त होना चाहिए और मृतकों और पीड़ितों के परिवार को पच्चीस लाख मुआवज़ा मिलना चाहिए। 

बाबूलाल घावरी ने उनकी सभी मांगे पूरी नहीं होने तक मृतकों के शव का पोस्टमार्टम करवाने से भी इंकार कर दिया। 

उल्लेखनीय है की 2019 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मैनहोल, सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से सफाई कर्मियों की मौत पर संज्ञान लिया था। अदालत ने किसी भी सफाईकर्मी से इनकी सफाई करवाने पर रोक लगा दी थी। साथ ही कहा था कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तीन माह में इनकी सफाई अब आधुनिक तकनीक और मशीनों के जरिए ही करवाना सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। उसके बावजूद भी इस तरह की घटना का सामने आना दुःखद है।
  

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