बेदला वगेरी तलाई से UDA ने हटाया अतिक्रमण

निराश्रित मवेशियों के पानी पीने के लिए दान की गई बेदला वगेरी तलाई आखिर हुई फेंसिंग मुक्त
 
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उदयपुर 30 जुलाई 2024। पवित्र सावन का महीना बेदला गांव के निराश्रित मवेशियों के लिए खुश खबर लेकर आया । मौका है मवेशियों के लिए संरक्षित वगेरी तलाई की फेंसिंग को हटाने का । दरअसल 16 बीघा की इस तलाई को गांव के धाभाई परिवार ने निराश्रित मवेशियों के पानी पीने और विचरण करने के लिए करीब 60 वर्ष पूर्व दान की थी। लेकिन गांव की सरपंच और उसके पति ने इस तलाई पर बदनीयत डाली और इसे हड़पने के लिए इसके चारो और तारबंदी कर डाली । तलाई के चारो के लगाई गई फेंसिंग से गांव के बेजुबा मवेशी पिछले डेढ़ वर्ष से भी अधिक के समय से इस तलाई के बाहर पानी पीने के लिए भटक रहे है । डेढ़ वर्ष पूर्व जब ग्राम पंचायत द्वारा सरकारी पैसों से इस फेंसिंग को लगाया जा रहा था तब बडगांव उपप्रधान प्रताप सिंह राठौड़ ने इस जोरदार विरोध किया था । इस दौरान सरपंच और उसके पति ने प्रेस वार्ता कर राठौड़ के ऊपर कई मनगढ़ंत आरोप भी लगाए थे लेकिन डेढ़ साल बाद जिला कलेक्टर ने भी ग्राम पंचायत के इस काले कारनामे को गलत करार देते हुए मवेशियों के हित में इस फेंसिंग को हटाने के निर्देश जारी किए । 

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जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल के आदेश के बाद बड़गांव तहसीलदार पर्वत सिंह राठौड़ ने बेदला ग्राम पंचायत की सचिव कविता नायक को फेंसिंग हटाकर मौके पर स्थिति बहाल करने का आदेश जारी किया था लेकिन सरपंच के दबाव में सचिव ने सिर्फ फेंसिंग का ताला खोलकर अपने काम से इतिश्री कर ली। लेकिन बड़गांव उपप्रधान प्रताप सिंह राठौड़ ने लगातार जिला प्रशासन से संपर्क साधे रखा और आखिर बडगांव तहसीलदार ने मौके पर जेसीबी चलाकर इस तलाई से फेंसिग को हटाकर मवेशियों के लिए स्थिति को बहाल किया। गांव के लोगो ने तहसीलदार द्वारा की गई इस कार्यवाही पर खुशी भी जाहिर की। फेंसिंग को हटाने लिए पिछले डेढ़ से संघर्ष कर रहे बड़गांव के उपप्रधान प्रताप सिंह राठौड़ की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण रही । 

bedla vageri talai

इनका भी रहा सहयोग

गांव के उपसरपंच रहे विजय सिंह चौहान, शिक्षाविद भंवर सिंह चौहान,संजय सनाढय, तेज सिंह चौहान, विक्रांत निमावत और फतह सिंह चौहान शामिल है। इन सभी लोगो को जागरूकता के चलते इस तलाई को फेंसिंग से मुक्त करवाया गया। पूर्व उपसरपंच रहे विजय सिंह चौहान ने बताया की सरपंच और तत्कालीन सचिव से इस फेंसिंग के पेसो की रिकवरी होनी चाहिए। क्योंकि इन लोगो ने इस फेंसिंग लगाने के लिए राजकीय कोष का दुरपयोग किया है। चौहान ने बताया की लाखों रुपए इस फेंसिंग को लगाने के लिए खर्च कर दिए जबकि सभी को पता है की तलाई को चारो और से खुला रखा जाना चाहिए जिससे मवेशी आसानी से इसमें विचरण कर सके।

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