अंजुमन तालीमुल इस्लाम ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को सौंपा ज्ञापन

"आई लव मोहम्मद" प्रकरण में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
 
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Anjuman talimul islam

​उदयपुर 24 सितंबर 2024। अंजुमन तालीमुल इस्लाम, उदयपुर ने अतिरिक्त ज़िला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, भारत सरकार को प्रेषित किया जाएगा। 

इस ज्ञापन के माध्यम से अंजुमन ने देश के विभिन्न हिस्सों में, विशेषकर उत्तर प्रदेश में, "आई लव मोहम्मद" कहने और लिखने वाले नागरिकों पर पुलिस की कथित दमनकारी और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयों के खिलाफ अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।

​अंजुमन तालीमुल इस्लाम के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में जोर देकर कहा है कि "आई लव मोहम्मद" का नारा या अभिव्यक्ति लाखों मुसलमानों की आस्था का प्रतीक है और यह किसी भी तरह से सार्वजनिक व्यवस्था को भंग नहीं करता या किसी समुदाय की भावनाओं को आहत नहीं करता। इसके बावजूद, कानपुर जैसे शहरों में "आई लव मोहम्मद" के पोस्टर लगाने या शांतिपूर्ण जुलूस निकालने वाले युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसे संगठन ने संविधान के अनुच्छेद 19(1) A के तहत मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का सीधा उल्लंघन बताया है।

ज्ञापन में पुलिस की कार्रवाइयों को "दुर्भावनापूर्ण" करार देते हुए कहा गया है कि यह संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है। संगठन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से इस मामले का संज्ञान लेने और इन पुलिस कार्रवाइयों की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अंजुमन ने माँग की है कि निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को रद्द किया जाए और उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जिन्होंने संविधान का उल्लंघन करते हुए नागरिकों के अधिकारों का हनन किया है।

​इस कदम से उदयपुर में मुस्लिम समुदाय के बीच इन घटनाओं को लेकर व्याप्त रोष और चिंता को बल मिला है। अंजुमन ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेगा और प्रभावित नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इस दौरान अंजुमन के  नायब सदर फारुख कुरैशी, सेकेट्री मुस्तफा शेख , ज्वाइंट सेकेट्री इजहार हुसैन, अनीस अब्बासी, तनवीर चिश्ती, तौकीर रज़ा, एडवोकेट शहजाद खान और समुदाय के लोग उपस्थित रहे।