Udaipur Times, Architect Tower Udaipur: उदयपुर को वास्तुकला और आधुनिक तकनीक के संगम के रूप में एक नई पहचान देने के उद्देश्य से शहर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित आर्किटेक्ट टॉवर का निर्माण किया गया।
रविवार को इस टॉवर का उद्घाटन उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, नगर निगम महापौर पारस सिंघवी, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़, भामाशाह डॉ. विनोद पोरवाल तथा प्रसिद्ध आर्किटेक्ट सुनिल लड्डा एवं आर्किटेक्ट प्रियंका कोठारी की उपस्थिति में किया गया। करीब 45 लाख रुपये की लागत से तैयार यह टॉवर मेवाड़ की ऐतिहासिक वास्तुकला और आधुनिक स्थापत्य कला का अनूठा संगम है।

वैज्ञानिक गणना से तैयार धूप घड़ी
वास्तुविद एवं भामाशाह सुनील लड्डा एवं प्रियंका कोठारी ने बताया कि दुनिया का पहले आर्किटेक्ट टॉवर जो कि पूर्ण रूप से वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर निर्मित किया गया है जिसका निर्माण लगभग 8000 वर्ग फीट के चौराहे पर किया गया है। इसमें अक्षांश एवं देशांतर की गणना के आधार पर धूप घड़ी का निर्माण किया गया है। इसके साथ सामान्य घड़ी की व्यवस्था भी की गई है। परियोजना में पैरामीट्रिक वॉल और धातु व ईंट जैसी सामग्रियों का उपयोग करते हुए आधुनिक स्थापत्य तकनीक को अपनाया गया है। लड्ढा के अनुसार, आगामी दो महीनों में इसकी सुंदरता और निखरकर सामने आएगी। इस संपूर्ण प्रोजेक्ट में आर्किटेक्ट प्रियंका कोठारी का सक्रिय सहयोग रहा है।
टाइम कैप्सूल में संरक्षित होगा इतिहास
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण आकर्षण टाइम कैप्सूल है, जिसे भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 26 जनवरी 2047 को खोलने की योजना है। इसके माध्यम से वर्तमान समय की यादों और जानकारियों को भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
आर्किटेक्ट टावर निर्माण में 100 से अधिक कंस्ट्रक्शन स्पेशलिस्ट का रहा योगदान
आर्किटेक्ट लड्ढा के अनुसार इस परियोजना के डिजाइन को तैयार करने में सात दिनों तक दिन-रात मेहनत की गई, जबकि संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया में लगभग चार महीने लगे। इसमें 100 से अधिक कंस्ट्रक्शन स्पेशलिस्ट का योगदान रहा। निर्मित चौराहे का अगले दस वर्षों तक का रखरखाव जे के हॉस्पिटल के डॉ. विनोद पोरवाल और ऐसा फोर यू आर्किटेक्ट ग्रुप के सुनील लड्डा एवं आर्किटेक्ट प्रियंका कोठारी द्वारा किया जाएगा।
उद्घाटन अवसर पर महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि उदयपुर सदियों से वास्तुविदों और स्थापत्य कला का शहर रहा है। मेवाड़ के महाराणा कुंभा के समय वास्तुविद मंडन को महान वास्तुविदों मे गिना जाता है। उनकी गौरवशाली विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से कीर्ति स्तंभ की प्रतिकृति को इस परियोजना में शामिल किया गया है। यह टॉवर शहर की ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करने का एक अभिनव प्रयास है।
इस अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा एवं समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़ द्वारा भी भामाशाहों का धन्यवाद देते हुए शहर में उनके योगदान को सराहनीय बताया।
जानकारी के अभाव में मिलता था उलाहना
आर्किटेक्ट टावर उद्घाटन के दौरान डॉ विनोद पोरवाल एवं सुनील लड्डा ने बताया कि यहां निर्मित टेडी मेडी दीवार को लेकर जानकारी के अभाव में लोगों द्वारा उन्हें उलाहना दिया गया, वीडियो वायरल किए गए, विदेशों से भी फोन आए, कार्य के दौरान इन विषयों से थोड़ा मुश्किल हुआ लेकिन वक्त आने पर सभी के विचारों में परिवर्तन हुआ। आर्किटेक्ट लड्ढा ने कहा कि विश्व में मानव निर्मित कोई भी स्थान या धरोहर है तो वह शत प्रतिशत वास्तुविद द्वारा ही निर्मित है। इसलिए देश के विकास में वास्तुकला का महत्वपूर्ण योगदान है।