हाईकोर्ट खंडपीठ (Virtual Bench) की मांग को लेकर मेवाड़-वागड़ में आंदोलन तेज

19 सितंबर से धरना प्रदर्शन

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उदयपुर, 18 सितंबर 2025। मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति की बैठक आज संयोजक रमेश नन्दवाना की अध्यक्षता में बार एसोसिएशन परिसर में हुई। बैठक में बार एसोसिएशन उदयपुर के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता और कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में बार एसोसिएशन अध्यक्ष चन्द्रभान सिंह शक्तावत ने बताया कि मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के कई विधायकों ने भारत सरकार के विधि मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उदयपुर में हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग की है।

निर्णय लिया गया कि 19 सितंबर को न्यायालय परिसर से अधिवक्ता, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ जुलूस निकालकर संभागीय कार्यालय पर धरना दिया जाएगा, जो आगामी निर्णय तक जारी रहेगा।

अधिवक्ताओं को जिम्मेदारी दी गई कि वे व्यक्तिगत तौर पर जनप्रतिनिधियों और संगठनों से सम्पर्क कर आंदोलन में शामिल होने का अनुरोध करें। इसके लिए दिनभर अधिवक्ता नेताओं ने विभिन्न संगठनों और नेताओं से फोन पर बातचीत की और सहयोग का आश्वासन लिया।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि राजस्थान में कहीं भी खंडपीठ या वर्चुअल बेंच की स्थापना की जाती है तो वह सबसे पहले उदयपुर में होनी चाहिए। जब तक इस संबंध में पुख्ता आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।

इसके साथ ही निर्णय लिया गया कि 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांसवाड़ा दौरे के दौरान अधिवक्ताओं को उनसे मुलाकात कर उदयपुर में खंडपीठ की स्थापना की मांग रखने का अवसर दिलाने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

संघर्ष समिति ने कहा कि मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के लिए हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग 44 वर्षों से लंबित है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पांचवीं खंडपीठ स्थापित हो चुकी है, जबकि उदयपुर के आदिवासी अब भी न्याय के लिए तरस रहे हैं। अब समय आ गया है कि सरकार इस पर ठोस कदम उठाए और उदयपुर में खंडपीठ की स्थापना करे।