नए श्रम कोड के विरोध में रैली 26 नवंबर को

केन्द्रीय श्रमिक संगठनों की समन्वय समिति और सयुक्त किसान मोर्चा, उदयपुर ने आयोजित की प्रेस वार्ता    
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उदयपुर 25 नवंबर 2025।  केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध, अवज्ञा और संघर्ष का आह्वान किया। इसके तहत उदयपुर मे भी कल 26 नवंबर को टाउन हाल से 11 बजे रैली निकाली जाएगी। केंद्र सरकार के चार श्रम कोड पर झूठे प्रचार का सच उजागर करने के लिए आज शिराली भवन मे प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। 

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इंटक के वरिष्ट इंदु शेखर विकास ने कहा कि यह श्रम कोड मजदूरों के संघर्षों से जीते हुए अधिकारों के साथ ट्रैड यूनियन आंदोलन और सामूहिक सोदाबाजी के मजदूर वर्ग के हथियार पर हमला है। 

सीआईटीयू के राजेश सिंघवी ने कहा ये नई संहिताएँ न केवल पुराने 29 श्रम कानूनों को समाप्त करती हैं, बल्कि उनमें निहित ऐतिहासिक सुरक्षा, अधिकार और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को भी कमजोर कर देती हैं। यह अधिसूचना एकतरफा, अलोकतांत्रिक और श्रमिक हितों को खत्म करने वाली है, जो देश के श्रमिकों की आजीविका और भविष्य को गंभीर संकट में डालती है।  भारतीय श्रम सम्मेलन (ILC) को बुलाने की यूनियनों की माँग को आठ साल से टालकर सरकार ने स्पष्ट किया कि वह श्रमिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अब बिहार चुनाव का फ़ैसला एनडीए के पक्ष मे आते ही चार श्रम कोड को लागू कर दिया गया।  

ऐक्टू के सौरभ नरूका ने बताया कि नए श्रम कोड मजदूरी कम करने, नियमित काम कि जगह नियत अवधि के लिए रोजगार, कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रावधानों से बढ़े मजदूर तबके को बाहर करने का काम करते है। उन्होंने बताया कि 100 की जगह 300 कर्मचारियों तक बिना अनुमति छंटनी/बंद, Standing Orders अब अधिकांश कारखानों पर लागू नहीं होना, यूनियन मान्यता कड़ी व हड़ताल पर कठोर प्रतिबंध, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्त कोड में “लचीलापन” के नाम पर 12 घंटे शिफ्ट कि इजाजत देना, पुराने 8-घंटे कार्यदिवस सिद्धांत के मूल पर ही हमला है और इन जैसे प्रावधान सीधे सीधे मजदूरों के आज के अधिकारों पर हमला है। 

श्रमिक संगठनों कि समिति के उदयपुर के सयोजक पीएस खिची ने बताया कि निरीक्षण व्यवस्था कमजोर करना नए कोड मे बताता है कि सरकार कि मजदूरों के लिए कानूनों को लागू करने कि कोई नियत नहीं है। किसान सभा के प्रभुलाल भगोरा ने बताया कि सयुक्त किसान मोर्चा इस संघर्ष मे मजदूरों के साथ है। 

इस मोके पर शंकरलाल चौधरी के कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों किसानों पर लगातार हमला कर पूँजीपतियों कि जेब भर रही जो देश कि अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है। कल टाउन हाल से रैली के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्टपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।  

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