एमबी अस्पताल नेत्र रोग विभाग में ₹2.75 करोड़ की अत्याधुनिक नेत्र मशीनें स्थापित
इन मशीनों से आंख की जांच और ऑपरेशन पहले से अधिक आसान और सुरक्षित
उदयपुर 22 अप्रैल 2026। RNT मेडिकल कॉलेज से संबंधित महाराणा भूपाल चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग में 2.75 लरोड रूपये की लागत से नई मशीने लगाईं गई है। इन मशीनों से आंख की जांच और ऑपरेशन पहले से अधिक आसान और सुरक्षित हो गई है।
प्रदेश सरकार ने इस साल बजट में RNT मेडिकल कॉलेज को 20 करोड़ रूपये आवंटित किये थे। इसी बजट से नेत्र रोग विभाग के लिए यह नई मशीने खरीदी गई है।
यह नहीं मशीनें लगाईं गई है
सर्जिकल ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप-1.25 करोड़ की लागत की इस मशीन मोतियाबिंद सर्जरी (लेंस रिप्लेसमेंट ), लेसिक, रेटिना सर्जरी, और ग्लूकोमा सर्जरी में इस मशीन का उपयोग होता है। इस मशीन के आने से नेत्र विभाग में जाँच और ऑपरेशन दोनों में सुधार हुआ है। पहले गंभीर मामले में मरीज़ो को बड़े शहरों या निजी अस्पतालों में भेजना पड़ता था। लेकिन अब अधिकतर इलाज यहीं हो रहा है। माइक्रोस्कोप की सहायता से ऑपरेशन करते समय डॉक्टरों को ज़्यादा स्पष्ट दिखाइए देता है इससे गलती की संभावना कम हो जाती है।
एंजियोग्राफी मशीन- 1 करोड़ रूपये की लागत की यह मशीन आँख के पर्दे यानि रेटिना की जाँच करती है। इससे रेटिना की नसों और खून के बहाव सही जानकारी मिलती है। डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारी का समय पर पता लगाने में यह कारगर है। इस मशीन से बीमारी का सही पता चल जाता है। जिससे उपचार सही समय पर शुरू किया जा सकता है।
याग लेज़र मशीन- 50 लाख रूपये की लागत की इस मशीन से मोतियाबिंद के बाद होने वाली दिक्क्तों, डायबिटीज़ से जुडी आँखों की बीमारी और बच्चो की कुछ आँखों की समस्याओ के इलाज में मदद मिलती है। याग लेज़र मशीन से कई बीमारियों का इलाज बिना बड़े ऑपरेशन के ही किया जा सकता है। जिसमे मरीज़ो को कम परेशानी का सामना करना पड़ता है और जल्दी राहत मिल जाती है।
Source: Rajasthan Patrika
#Udaipur #UdaipurNews #Rajasthan #RajasthanNews #MBHospital #RNTMedicalCollege #HealthcareIndia #EyeCare #MedicalTechnology #HospitalUpgrade #PublicHealth #IndiaNews #DiabeticRetinopathy #CataractSurgery #LaserTreatment
