उदयपुर के खनिज मलबों में मिला भविष्य का खजाना, निकेल-कोबाल्ट समेत कई क्रिटिकल मिनरल्स के संकेत
Udaipur Times, Rajasthan News: 10 जून 2026। प्रदेश में क्रिटिकल मिनरल के एक्सप्लोरेशन और अध्ययन को नई गति प्रदान की जा रही है। हाल ही में प्रदेश में पिंक मार्बल और हरे मार्बल के मलबों के ढेर (अपशिष्ट) के अध्ययन में निकेल, कोबाल्ट, क्रोमियम और गैलियम जैसे क्रिटिकल मिनरल्स की गुणवत्तापूर्ण मात्रा के सकारात्मक संकेत मिले हैं। इन मिनरल्स से रक्षा, ग्रीन एनर्जी, एयरोस्पेस और एयरोनॉटिकल उद्योगों की आवश्यकता की पूर्ति हो सकेगी, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ सामरिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। Rajasthan News
मुख्यमंत्री की पहल पर खान विभाग के RSMETऔर IIT धनबाद के बीच राजस्थान के खनिज डम्प्स के संबंध में एक समझौता संपन्न हुआ है। इस समझौते के अनुरूप प्रदेश में खनिजों के विशाल ढेरों (ह्यूज डम्प्स ऑफ मिनरल्स), जिनका कोई उपयोग भी नहीं है, में उपलब्ध बेशकीमती क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक खनिजों का पुनर्चक्रण कर इसे व्यावसायिक उत्पादन में उपयोग करने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। यह अध्ययन अभिनव प्रयास है। Rare Earth Minerals Rajasthan
इस समझौते के अंतर्गत खान विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 78 डम्प्स चिन्हित कर 10-10 डम्प्स का कलस्टर बनाया गया। इनमें से उदयपुर जिले और आसपास के कलस्टर में पिंक मार्बल के 8 डम्प्स और ग्रीन मार्बल (सपैंटिनाइट) के 2 डम्प्स का अध्ययन किया गया। इन डम्प्स में निकेल, कोबाल्ट, क्रोमियम और गैलियम की बड़ी मात्रा पाई गई है। आरंभिक अनुमान के अनुसार यह मात्रा पृथ्वी की पपडी (क्रस्ट) में इनकी सामान्य उपलब्धता से 25 से 40 गुना अधिक है। Rajasthan News
खान विभाग द्वारा चिन्हित 78 डम्प्स में से शेष 68 डम्प्स और टेलिंग्स का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन IIT ISM धनबाद के सहयोग से किया जा रहा है। जिसमें खदान डम्प्स का जियो रेफरेन्सड डेटाबेस, मेपिंग, सैंपलिंग, निष्कर्षण, मिनरालॉजिकल एनालिसिस व उपलब्ध संसाधनों का आकलन करते हुए टंगस्टन, लिथियम, कोबाल्ट, निकल, आरईई के रिसोर्सेज जैसे महत्वपूर्ण खनिज की उपलब्धता का पता लगाया जा सकेगा। Rare Earth Minerals Rajasthan
उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर, ऋषभदेव, अजमेर, ब्यावर, सावर, नागौर, सिरोही, जोधपुर, बालेसर, सोजत सिटी और जालौर में अलग-अलग खनिजों के ढेर चिन्हित किये जा चुके हैं। हाल ही में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान और पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा से IIT धनबाद के प्रो. धीरज कुमार, IIT ISM आईएसएम के एमेरिट्स प्रो. एएस वैंकटेश, टेक्समिन के दानिश और ऑपरेशन्स मैनेजमेंट IIT दिल्ली के विक्रम केवाई ने मुलाकात कर डम्प्स में क्रिटिकल मिनरल्स की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता की संभावना व्यक्त की। Rajasthan News
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के एक्सप्लोरेशन और खनन पर विशेष फोकस है। इसी क्रम में उन्होंने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा की जिसके अंतर्गत रेयर अर्थ मिनरल्स, हेवी रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल रेयर मेटल्स पर तेजी से काम किया जा रहा है। राजस्थान ने इस दिशा में नवाचार करते हुए खनिजों के डम्प्स से क्रिटिकल मिनरल का एक्सप्लोरेशन का काम शुरु किया है। वहीं, प्रदेश ने रेयर अर्थ मिनरल्स और हेवी रेयर अर्थ मिनरल्स क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स आरईई के डिपोजिट्स मिले हैं जिनका केंद्र सरकार द्वारा खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन भी किया जा रहा है। Rare Earth Minerals Rajasthan
