MLSU: कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के बयान पर छात्रों का प्रदर्शन जारी

राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री ने रिपोर्ट मांगी

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उदयपुर 16 सितंबर 2025 । मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताने वाले बयान को लेकर मंगलवार को भी छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। दूसरे दिन भी छात्र नारेबाजी करते हुए सबसे पहले प्रशासनिक भवन पहुंचे। इसके बाद वे होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की ओर बढ़े।

कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के होटल मैनेजमेंट कॉलेज में मौजूद होने की सूचना पर सभी छात्र वहां पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। वहां केवल स्टाफ मौजूद था, लेकिन छात्रों ने स्वागत के लिए रखी गई सामग्री को तोड़कर हटा दिया। इसके बाद छात्र आर्ट्स कॉलेज पहुंचे, जहां दोपहर 3 बजे से परीक्षा आयोजित होनी थी। छात्र परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े रहे।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मयूरध्वज सिंह, रौनकराज सिंह, मिलिंद पालीवाल और पुष्पेन्द्र सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा को कार्यालय में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं राज्यपाल, डिप्टी सीएम और उच्च शिक्षा मंत्री ने इस मामले पर सुखाड़िया यूनिवर्सिटी से रिपोर्ट मांगी है।

यह विवाद 12 सितंबर को तब शुरू हुआ था, जब कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा ने एक कार्यक्रम में कहा था, "ऐतिहासिक दृष्टिकोण से हम महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और अकबर जैसे कई राजा-महाराजाओं के बारे में सुनते हैं। इनमें कुछ औरंगजेब जैसे कुशल प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) भी थे।"

विवाद बढ़ने के बाद कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा ने माफी मांगते हुए बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उनका वक्तव्य गलत तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। यदि पूरा वक्तव्य सुना जाए तो यह स्पष्ट होगा कि उन्होंने औरंगजेब की प्रशंसा में कुछ नहीं कहा। वे मूलतः अहिन्दी भाषी हैं, जिसके कारण उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। यदि उनके वक्तव्य से किसी को ठेस पहुँची हो तो वे क्षमा चाहती हैं।

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