Udaipur Times: उदयपुर के व्योम भट्ट ने अपने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर बचपन से भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का सपना साकार कर लिया है।
ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, गया (बिहार) से सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्त होकर उदयपुर लौटे लेफ्टिनेंट व्योम भट्ट का परिवारजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। उनके घर पहुंचने पर खुशी का माहौल रहा और लोगों ने पुष्प मालाएं पहनाकर, मिठाई खिलाकर तथा शुभकामनाएं देकर उनकी उपलब्धि का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
विद्यार्थी जीवन से ही सेना में जाने का लक्ष्य
पिता जयदीप कुमार भट्ट एवं माता पल्लवी भट्ट ने बताया कि लेफ्टिनेंट व्योम भट्ट विद्यार्थी जीवन से ही पढ़ाई के साथ विभिन्न सहशैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, गायन और मंच संचालन जैसी गतिविधियों में भाग लेने से उनमें आत्मविश्वास, संवाद क्षमता और नेतृत्व कौशल का विकास हुआ। परिजनों के अनुसार, व्योम का लक्ष्य शुरू से ही स्पष्ट था कि उन्हें भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करनी है। इसी लक्ष्य को सामने रखते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास और अनुशासन पर भी विशेष ध्यान दिया। स्कूली जीवन के दौरान एनसीसी से जुडऩा उनके सैन्य जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। एनसीसी के प्रशिक्षण और गतिविधियों ने उनमें अनुशासन, समय की पाबंदी, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया। एनसीसी का ‘सी’ प्रमाण-पत्र प्राप्त करना भी उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। एनसीसी के माध्यम से उन्हें सैन्य जीवन की कार्यशैली और अनुशासन को करीब से समझने का अवसर मिला।
कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद नई जिम्मेदारी
भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में आगे बढ़ते हुए व्योम ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, गया में कठिन एवं चुनौतीपूर्ण सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता के साथ मानसिक मजबूती, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम के साथ कार्य करने की क्षमता और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने जैसे गुणों को विकसित किया गया। इस कठिन प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नई पारी की शुरुआत की है। सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण कर लेफ्टिनेंट की जिम्मेदारी हासिल करना उनके लिए वर्षों से देखे जा रहे सपने के साकार होने जैसा है।
परिवार के लिए गौरव का क्षण
माता पल्लवी भट्ट ने बताया कि व्योम की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है। परिजनों ने कहा कि व्योम ने अपने लक्ष्य को लेकर हमेशा गंभीरता दिखाई और मेहनत के साथ अपने सपने की ओर कदम बढ़ाए। विद्यार्थी जीवन से ही सेना में जाने की इच्छा को उन्होंने केवल सपना नहीं रहने दिया, बल्कि उसे पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए। परिजनों के लिए वह क्षण बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा, जब उनका बेटा सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में घर लौटा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल परिवार की नहीं, बल्कि उदयपुर शहर के लिए भी गर्व का विषय है।
स्वागत समारोह में छलका उत्साह
उदयपुर आगमन पर परिवारजनों, रिश्तेदारों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान पुष्प मालाओं से अभिनंदन किया गया और मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने व्योम को भारतीय सेना में उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर व्योम भट्ट ने सभी के स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में सेवा करना उनके लिए गर्व के साथ-साथ बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। देश की रक्षा और सेवा के इस दायित्व को वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
लेफ्टिनेंट व्योम भट्ट की यात्रा यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए निरंतर मेहनत की जाए तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है। विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई के साथ एनसीसी और अन्य गतिविधियों में सक्रिय रहकर उन्होंने अपने व्यक्तित्व को निखारा और इसी अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प के साथ सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया। उनकी सफलता विशेष रूप से उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं। व्योम की उपलब्धि ने परिवार के साथ-साथ उनके मित्रों, शुभचिंतकों और शहरवासियों को भी गौरवान्वित किया है।