Udaipur Times, Rajasthan Vidyapeeth: जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ की कुलपति प्रो. मंजु मांडोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया विद्यापीठ की वित्तीय स्थित बहुत चिंताजनक है और कार्यकर्ताओं को अगस्त माह की सेलेरी भी मुश्किल से दी गयी है। पिछले दिनों पूर्व कुलपति ने एक मिटिंग के दौरान बताया कि विश्वविद्यालय में 36 करोड है जब इसकी जांच की तो पाया कि 19 करोड रूपये पर तो ऋण ले रखा है और 17 करोड है वो तो कोरपस फंड है, जबकि यूजीसी नियमानुसार विश्वविद्यालय का 25 करोड का फण्ड होना चाहिए वह भी अभी पूरा नहीं है। Rajasthan Vidyapeeth Financial Crisis
कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने शनिवार को प्रेसवार्ता में एक समाचार पत्र में छपी खबर को खंडन करते हुए कहा कि कुछ निजी स्वार्थो के एवं विद्यापीठ की छवि को धूमिल करने के प्रयास में बाहरी एवं पूर्व अधिकारियों द्वारा इस तरह की खबरों को प्रकाशित किया जा रहा है। आज यहॉ का कार्यकर्ता अपने वेतन के लिए तरस रहा है।
कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने बताया की पूर्व कुलपति को संस्था हित में हटाया गया था जिस पर उन्हे न हटाने के लिए धमकिया तक दिलवायी लेकिन उन्हे कार्यकर्ता की अवाज को सूना और कठोर निर्णय लेना पडा। गुर्जर ने कहा कि मैं 2012 से मातृ संस्था में मैनेजमेंट कमेटी में हॅू पहले विश्वाविद्यालय मातृ संस्था को सहायता करता था मैरे आने के बाद संस्था द्वारा 4.5 करोड की नयी प्रोपर्टी खरीदी है और 9.5 करोड विश्वविद्यालय को दिये है, फिर भी मुझे बदनाम किया जा रहा है। Rajasthan Vidyapeeth Financial Crisis
गुर्जर ने कहा कि मैं पिछले कुछ माह से विवि का कुलाधिपति हॅू और मेरी जानकारी में लाया गया कि पूर्व कुलपति ने अपने व्यक्तिगत स्वार्थो के लिए अनेक अवेध नियुक्तियॉ कर दी है एवं कई अपने चहेतो को बिना किसी नियम के बहुत अधिक राशि अलाउंस के तौर पर एवं एडवांस के तौर पर दी गयी व कई ऐसे व्यक्ति भी है जिन्हे घर बैठे सेलेरी मिल रही है। पूर्व कुलपति ने अपनी छवि को उभारने के लिए संस्था के पैसों का दुरूपयोग किया गया। पूर्व कुलपति ने अपने वित्तिय स्वार्थो के लिये पिछले कई वर्षो में कई कोर्सेस में अनुमति से अधिक सीटो पर प्रवेश की अनुमति दी थी। इन सभी अनियमितताओं के लिये जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है और पूर्व कुलपति के कार्यकाल की सम्पूर्ण जांच की जा रही है और जो भी अनियमितता सामने आयेगी उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी इस कारण पूर्व कुलपति बौखलाये हुए है जिससे मीडिया में अपने संबंधों का दूरूपयोग कर भ्रामक तथ्य देकर प्रकाशित करवा रहे है। Rajasthan Vidyapeeth Financial Crisis
गुर्जर ने कहा कि संगठन सचिव के पद प्रवीण गुर्जर का चयन डीपीसी के द्वारा किया गया है और जहॉ तक इनकी डिग्री का मामला है तो वह देखने का कार्य तत्कालीन वाइस चांसलर का था। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों विश्वविद्यालय द्वारा की गयी अनियमितताओं को लेकर आयी कॉलेज शिक्षा के निरीक्षण दल ने विश्वविद्यालय की तो जांच की साथ ही मातृ संस्था की भी जांच की जो नियमों के विरूद्ध है। जांच के दौरान संस्था द्वारा प्रस्तुत किए गए कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी कर जांच रिपोर्ट में उसे स्थान नहीं दिया गया। Rajasthan Vidyapeeth Financial Crisis