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सवीना खेड़ा में UDA की कार्रवाई पर बवाल

कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी ने किया कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन, बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप
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उदयपुर 10 नवंबर 2025। सवीना खेड़ा स्थित बिलानाम जमींन पर UDA द्वारा की गई कार्यवाही का मामला दिन-ब-दिन गंभीर रूप लेता जा रहा है। जहां कार्यवाही के बाद क्षेत्रवासियों ने कलक्ट्री के बहार प्रदर्शन किया और UDA पर बिना नोटिस दिए कार्यवाही करने का आरोप लगाया था तो वहीँ सोमवार को इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी क्षेत्रवासियों के पक्ष में कलेक्ट्री के बाहर पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया और कार्यवाही पर सवाल खड़े किए । तो वहीं  कुछ ही देर बाद भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत पार्टी कार्यकर्ताओं सहित कलक्ट्री के बाहर पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। 

जहाँ एक तरफ कांग्रेस की एक टीम विवेक कटारा और कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ताओं सहित कलेक्ट्री पहुंची तो वहीं कांग्रेस पार्टी की दूसरी टीम जिला अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ के नेतृत्व में UDA परिसर पहुंची और कार्यवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया।  

इस अवसर पर विवेक कटारा ने कहा की सवीना खेड़ा (नेला) में जिस तरह की कार्यवाही UDA द्वारा वहां रहने वाले गरीब तबके के लोगों और खासकर के आदिवासी वर्ग के लोगों के खिलाफ की है उसने काफी सवाल खड़े कर दिए है। जब वहां पर PHED ने पानी की टंकी बनाई थी, PWD ने सड़क बनाई थी और AVVNL ने इलेक्ट्रिसिटी के कनेक्शन उन लोगों को दिए थे फिर अचानक से UDA द्वारा ये कार्यवाही करना एक सोचने का विषय है। 

कटारा ने कहां की अशोक गहलोत की सरकार ने हमेशा लोगों को बसाने का काम किया है पट्टे जारी किये है तो फिर भाजपा की सरकार ने ऐसा क्यों किया क्या वर्तमान में उन गरीब लोगों को पट्टे जारी नहीं किये जा सकते थे। उन्होंने कहा की उनकी विधानसभा क्षेत्र में कई बड़ी बड़ी होटल और रिसोर्ट बने रहे है जो की सरकारी जमीन पर बने हुए हैं तो सरकार उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं करती है। उन्होंने कहा की सरकार चाहती तो रिज़र्व प्राइस पर DLC की रेट पर उन्हें पट्टा जारी कर सकती थी फिर ऐसा क्यों नहीं किया गया।  

तो वही BAP पार्टी के सांसद राजकुमार रोत ने भी इस कार्यवाही पर कई सवाल उठाते हुए कहा की पूर्व में क्षेत्र ग्राम पंचायत था लेकिन UDA विस्तार के बाद इस UDA के अधीन लिया गया, यहां ऐसे लोग रहते है जो घरों में साफ़ सफाई और मजदूरी का काम करके अपना गुजरा चलाते हैं, ऐसे लोगों ने थोड़ा पैसा जोड़कर, ब्याज पर पैसा लेकर बड़ी मुश्किल से मकान बनाए और UDA ने आधे घंटे में ही उनके इन घरों को बिना नोटिस दिए ही तोड़ दिया जो की एक अमानवीय कृत्य और गुंडागर्दी हैं।  

रोत ने कहा की उन्होंने ADM प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और इस पर जल्द एक्शन की मांग की है, ज्ञापन में कुछ विशेष बिंदु रखे गए है जिन पर जल्द एक्शन लेने की मांग की गई। जब ये घर बनाए जा रहे थे तब UDA कहां था। उन्होंने कहा की ADM ने 6-7 दिनों का समय माँगा है और इस मामले में समाधान करने की बात कही है।  अगर कोई समाधान नहीं किया गया तो ज़िला मुख्यालय एवं UDA के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा की साथ ही ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने UDA के ऐसे अधिकारी जिनकी संदिग्धता सामने आए और ऐसे नेता या प्रभावशाली लोग जिन्होंने इन गरीब लोगों के साथ उन्हें धोखे में रखकर उन्हें स्टाम्प जारी कर अग्रीमेंट किये है उनके खिलाफ भी मुक़दमे दर्ज नहीं किये जाते और क़ानूनी कार्यवाही नहीं की जाती तो ज़िला मुख्यालय एवं UDA के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

गौरतलब है की UDA द्वारा हाल ही में सवीना खेड़ा क्षेत्र में अतिक्रमण की कार्यवाही करते हुए वहां सरकारी जमींन पर बने 70 से अधिक मकानों को हटाया था।  जिसके बाद क्षेत्रवासियों द्वारा इस कार्यवाही को गलत बताया गया था। 

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