उदयपुर ज़िले में 25 मई से शुरू होगा वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026

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Vande ganga jal sanrankshan jan abhiyan

Udaipur Times, Vande Ganga Jan Abhiyan Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई से 5 जून तक वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान- 2026 मनाया जाएगा। उदयपुर जिले में भी सभी उपखण्डों, पंचायत समितियों, नगर निगम और नगरपालिकाओं में 25 मई से 5 जून 2026 तक अभियान के तहत विविध गतिविधियों का आयोजन होगा। 

इसके लिए जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के नेतृत्व में टीम उदयपुर ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला कलक्टर ने एक आदेश जारी कर विभिन्न सरकारी विभागों, धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से वर्षा जल संग्रहण और जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

नोडल अधिकारी नियुक्त

जिला कलक्टर ने अभियान को सफल बनाने के लिए जिला व ब्लाॅक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए। इसमें जिला स्तरीय नोडल अधिकारी अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) को नियुक्त किया। शहरी क्षेत्र में सहायक नोडल अधिकारी आयुक्त, नगर निगम  तथा ग्रामीण क्षेत्र में सहायक नोडल अधिकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद् को बनाया गया है। संबंधित उपखण्ड अधिकारी ब्लाॅक स्तरीय नोडल अधिकारी रहेंगे, वहीं संबंधित विकास अधिकारी तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र का सहायक ब्लाॅक स्तरीय नोडल नियुक्त किया गया है। कलक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने विभाग से जुड़े कार्यक्रमों को नियत तिथि पर आयोजित कर प्रतिदिन के फोटोग्राफ और वीडियो संबंधित पोर्टल एवं गूगल ड्राइव पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

यह होंगे आयोजन

25 मई : अभियान का शुभारंभ 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर होगा। इसमें जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और शहरी स्तर पर जल स्रोतों, नदियों और तालाबों पर स्वच्छता अभियान, श्रमदान तथा दीप प्रज्वलन कार्यक्रम होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जल संसाधन विभाग के माध्यम से नदियों, बांधों, सरोवरों और नहरों पर पूजन, नहरों की गाद निकालना और नए कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों द्वारा वंदे गंगा प्रभात फेरी का आयोजन और गंगा दशहरा के महत्व पर लेख लेखन प्रतियोगिताएं होंगी। राजीविका की महिलाओं द्वारा वंदे गंगा कलश यात्रा, पीपल पूजन, पौधारोपण और इको-फ्रेंडली स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री की जाएगी।

26 मई: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटकों का आयोजन और आमजन को जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। नए अमृत सरोवरों और जल संग्रहण ढांचों का शिलान्यास तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण होगा। हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण की अग्रिम तैयारी, ओरण व चारागाहों का चिन्हीकरण तथा मनरेगा/वीबीजी रामजी योजना के तहत जल संरक्षण कार्यों की शुरुआत और पोर्टल पर इंद्राज किया जाएगा।

27 मई: पशुपालन, गौपालन व देवस्थान विभाग की ओर से स्थानीय गौशालाओं, पशु चिकित्सालयों और दुग्ध संघों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। धार्मिक, व्यापारिक संगठनों और भामाशाहों के साथ संगोष्ठी का आयोजन होगा। चयनित मीडियाकर्मियों को जिले के न्यूनतम 5 चयनित स्थानों का फील्ड भ्रमण कराया जाएगा।

28 मई: जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और कृषि मंडी जैसे सार्वजनिक स्थानों पर एनएसएस, एनसीसी, एनवायके आदि स्वयंसेवकों के सहयोग से वंदे गंगा जल सेवा की शुरुआत और जल परीक्षण अभियान चलाया जाएगा। भू-जल विभाग की ओर से कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के कार्यों का अवलोकन तथा पीडब्ल्यूडी के तत्वावधान में सरकारी भवनों में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई-मरम्मत और रोड-साइड पौधारोपण की तैयारी की जाएगी। उद्योग विभाग औद्योगिक और सरकारी दफ्तरों में ग्रीन ऑफिस इनिशिएटिव, एनर्जी ऑडिट और ग्रीन बजट के बारे में जानकारी देने के लिए सीएसआर कार्यशाला का आयोजन होगा।

29 मई: ग्रामीण विकास, स्वच्छ भारत मिशन एवं राजीविका प्राचीन तालाबों, जोहड़ों और सोख्ता गड्ढों की साफ-सफाई व मरम्मत की जाएगी। गांवों के मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलेगा तथा मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता से पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।

30 मई: जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान (2.1 से 2.3) के तहत पूर्ण कार्यों का लोकार्पण और नए कार्यों की स्वीकृति दी जाएगी। चयनित गांवों में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जल चौपाल का आयोजन कर निर्मित व प्रस्तावित जल संरक्षण ढांचों पर चर्चा की जाएगी।

31 मई: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभात फेरी और वंदे गंगा साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। पुलिस, सेना, अर्द्धसैनिक बल व स्वयंसेवी संस्थाएं चिन्हित स्थानों पर गाद निकालने के लिए श्रमदान, पशु खेलियों व बावडियों की सफाई, पशुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था और पक्षियों के लिए परिंडे बांधने का कार्य किया जाएगा। स्वायत्त शासन विभाग शहरी क्षेत्रों में जल स्रोतों पर दीप प्रज्वलन, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक और महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई आदि गतिविधियां आयोजित करेगा।

1 जून: किसानों को स्प्रिंकलर, ड्रिप और सूक्ष्म सिंचाई पद्धति पर कार्यशाला व प्रदर्शनी के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। किसान चौपाल, कृषि विज्ञान केंद्रों पर संगोष्ठी, डिग्गियों की साफ-सफाई और कम्पोस्टिंग तकनीक का प्रचार किया जाएगा।

2 जून: जल स्रोतों पर पुनः पूजन, कैच द रेन के तहत कार्यक्रम, रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्माण की तकनीकी जानकारी और जल बचत हेतु जन जागृति कार्यक्रमों का संचालन होगा।

3 जून: जल संरक्षण के कार्यों से अवगत कराने के लिए मीडिया राउंड टेबल का आयोजन होगा। विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर के आस-पास साफ-सफाई की जाएगी।

4 जून: जलग्रहण, सार्वजनिक निर्माण, शिक्षा एवं खेल विभाग के तत्वावधान में स्कूलों और खेलकूद केंद्रों के माध्यम से निबंध लेखन, नारा लेखन, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर पर्यावरण के प्रति अलख जगाई जाएगी)।

5 जून: हरियालो राजस्थान की पूर्व तैयारी, नर्सरियों में पौधों की ग्रेडिंग और तुलसी के पौधों का वितरण किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं स्वायत्त शासन विभाग की ओर से एसटीपी/सीईटीपी संयंत्रों से परिष्कृत जल के उपयोग का आकलन, सिंगल यूज प्लास्टिक नहीं उपयोग करने की शपथ और इको-फ्रेंडली आर्ट तैयार करना आदि कार्य होंगे। जिला स्तर पर सांस्कृतिक संध्या के साथ अभियान का भव्य समापन होगा। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले भामाशाहों, संस्थाओं, पंचायतों, नगर निकायों, गैर सरकारी संस्थाओं, जल उपयोगिता संगमों और जल-योद्धाओं को चिन्हित कर जल गौरव सम्मान से नवाजा जाएगा।

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