बोहरा शिक्षाविद प्रोफ़ेसर जुज़र वसी पद्मश्री 2026 से सम्मानित

प्रोफेसर जुज़र वसी को माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा रिसर्च में चार दशकों से ज़्यादा के योगदान के किया गया सम्मानित
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28 जनवरी 2026। बोहरा समुदाय के प्रोफेसर जुज़र वसी (Professor Juzer Vasi) को 40 साल से ज़्यादा के करियर में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और फोटोवोल्टिक रिसर्च के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। प्रोफेसर जुज़र वसी अलग-अलग क्षेत्रों के 131 पद्म पुरस्कार विजेताओं में शामिल है जिनके नामों की घोषणा गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर की गई।

आजीवन साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रोफेसर जुज़र वसी अपने असाधारण योगदान की वजह से सेमीकंडक्टर और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में एक सम्मानित नाम हैं। पद्म श्री पुरस्कार नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और एकेडमिक क्षमता बनाने के लिए उनके लगातार प्रयासों को मान्यता देता है।

1969 में IIT बॉम्बे से बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (BTech) के बाद प्रोफेसर जुज़र वसी ने 1973 में जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में PhD हासिल की। वह IIT बॉम्बे के पूर्व डायरेक्टर और प्रोफेसर एमेरिटस थे और IIT बॉम्बे में "नेशनल सेंटर फॉर फोटोवोल्टिक रिसर्च एंड एजुकेशन" (NCPRE) के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर थे।

फिलहाल, फ्रंटियर्स इन सोलर एनर्जी के एसोसिएट एडिटर, प्रोफेसर जुज़र वसी ने IEEE और इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ़ इंजीनियरिंग के फेलो भी हैं। वह 1997-2003 के दौरान IEEE ट्रांजैक्शन ऑन इलेक्ट्रॉन डिवाइसेस के एडिटर थे। 2023 में, IIT बॉम्बे में अपने लेक्चर हॉल 21 को प्रोफेसर जुज़र वसी ने अपने माता-पिता मोहसिन और ज़ुलेखा वसी की याद में समर्पित किया।

बोहरा समुदाय के अन्य सदस्य जिन्हें पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जा चूका है 

  • भारतीय शिक्षाविद, न्यायविद, लेखक, राजनयिक और इस्लामी विद्वान आसफ अली असगर फैज़ी को 1962 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
  • ज़ैनुलअबेदीन गुलाम हुसैन रंगूनवाला को सहकारी बैंकिंग आंदोलन में उनकी सेवाओं के लिए 1984 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु 52वे दा'ई अल-मुतलक सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन को 2015 में में मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया गया था, लेकिन उनके परिवार ने इसे लेने से मना कर दिया था। इससे पूर्व अवॉर्ड लेने से मना करने के भी कई मामले सामने आए हैं। इनमें कुछ जाने-माने नाम हैं बाबा रामदेव, रोमिला थापर (जिन्होंने दो बार मना किया), एस जानकी, बुद्धदेव भट्टाचार्जी, श्री श्री रविशंकर और सलीम खान। 

प्रोफेसर जुज़र वासी के अलावा, साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इन लोगों को पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया गया है।

  • ए ई मुथुनायगम A E Muthunayagam
  • अशोक कुमार सिंह Ashok Kumar Singh
  • चंद्रमौली गद्दामनुगु Chandramouli Gaddamanugu
  • गोपाल त्रिवेदी Gopal Trivedi
  • के रामासामी K Ramasamy
  • कृष्णमूर्ति बालासुब्रमण्यम Krishnamurty Balasubramanian
  • कुमारसामी थंगराज Kumarasamy Thangaraj
  • प्रेम लाल गौतम Prem Lal Gautam
  • शुभा वेंकटेश अयंगर Shubha Venkatesha Iyengar
  • वीझिनाथन कामकोटि Veezhinathan Kamakoti

 

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