MLSU में महिला दिवस पर प्रोफेसर्स का अभिनन्दन

MLSU में महिला दिवस पर प्रोफेसर्स का अभिनन्दन          

उदयपुर शहर की 25 ख्यातनाम महिला कलाकारों द्वारा कल्पनाओं की कुंची और जीवन से भरे रंगों से बनाए चित्रों को किया प्रदर्शित 

 
MLSU में महिला दिवस पर प्रोफेसर्स का अभिनन्दन

महिलाओं को आगे बढ़ने और बढ़ाने के लिए परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण है, साथ ही सभी महिलाओं से आव्हान किया कि जीवन मे हौसले के साथ सदैव आगे बढ़े और अपने मन की सुने

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में सोमवार को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की ओर से स्वर्ण जयंती अतिथिगृह सभागार में महिला प्रोफेसर्स का सम्मान किया गया साथ ही महिला कलाकारों द्वारा निर्मित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी शुची शर्मा ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में नाम कमा रही है, उनके सशक्तिकरण के लिए और प्रभावी प्रयास उनके लिये नई सम्भावनाओ के द्वारा खोलेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो अमेरिका सिंह ने की। उन्होने कहा कि विश्वविद्यालय को देश मे पहला स्थान दिलाने का प्रयास। साथ ही दुनिया में पूरे राजस्थान का नाम हो ऐसी मंशा है और यह सब शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग के बिना सम्भव नहीं है।

हमारा विवि हर दृष्टि से आत्मनिर्भर बन रहा है और हम इसके संसाधनों को और व्यापक और समृद्ध बनायेगे। हमेशा सकारात्मक सोच रखे उससे समस्याएं दूर होगी और उन्नति होगी।  नई शिक्षा नीति में रोजगार पर पाठ्यक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा की ये पाठ्यक्रम नारी शक्ति को और सशक्त और प्रगतिशील बनाएगा।शिक्षा संकाय के चेयरमैन प्रो सीआर सुथार ने शुरू में सभी स्वागत किया तथा कार्यक्रम की संकल्पना को बताया।

 कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव नीलिमा सुखाडिया और वेदांता की सीएसआर हेड नीलिमा खेतान विशिष्ट अतिथि थी। इससे पूर्व अथिति गृह की कला वीथिका में  चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी शुचि शर्मा  द्वारा सृजित  90 चित्रों के साथ ही उदयपुर शहर की 25 ख्यातनाम महिला कलाकारों द्वारा कल्पनाओं की कुंची और जीवन से भरे रंगों से बनाए चित्रों को प्रदर्शित किया गया।

शहर की प्रसिद्ध महिला कलाकारों में  सुरजीत चोयल, किरण मुर्डिया, मीना बया, ज्योतिका, डिंपल, शर्मिला, इति कच्छावा, प्रेषिका द्विवेदी, स्वाति लोढा, कुमुदिनी सोनी, वीरांगना सोनी, कहानी भाणावत, भावना झाला, कंचन राठौड़, दीपिका माली, मुक्ता शर्मा, नीलू, प्रीति निमावत, ज्योति द्विवेदी  के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई।  इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की महिला प्रोफेसर्स के साथ ही अन्य हस्तियो का अभिनंदन किया गया। शुची शर्मा, नीलिमा खेतान, प्रो कनिका शर्मा, प्रो सीमा मलिक, प्रो सीमा जालान, प्रो सुधा चौधरी, प्रो प्रतिभा, प्रो आरती प्रसाद, प्रो ण लक्ष्मी, प्रो कल्पना जैन, प्रो मीरा माथुर, प्रो अंजना पालीवाल, डॉ गरिमा जोशी, डॉ तरु सुराणा, डॉ शिल्पा सेठ, डॉ हर्षदा जोशी,डॉ शिखा अग्रवाल, डॉ वर्षा शर्मा, डॉ शिल्पा वर्डिया, प्रतीती और नेहा कुमावत का अभिनन्दन किया गया।संचालन कुमुद पुरोहित व सपना मावतवाल ने किया।

 महिला दिवस के उपलक्ष्य में विधि महाविद्यालय  द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी अधिकारी श्रीमती मिथिलेश यादव एवं आरपीएस श्रीमती प्रेम धनदे के आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अधिष्ठाता डॉ. राजश्री चौधरी ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में बताया। मेजर मिथिलेश यादव ने कहा कि प्रत्येक वयस्क को वयस्क और मानव के रूप में माना जाना चाहिए तथा महिला पुरुष में बिना किसी भेदभाव के बराबर का दर्जा दिया जाना चाहिए। महिलाओ को अन्य किसीपर निर्भर न रह कर सदैव स्वप्रेरित रह कर आगे बढ़ना चाहिये।

श्रीमती प्रेम धनदे ने अपने जीवन की सफलता की कहानी सुनाई जिसमें उन्होंने बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ने और बढ़ाने के लिए परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण है, साथ ही सभी महिलाओं से आव्हान किया कि जीवन मे हौसले के साथ सदैव आगे बढ़े और अपने मन की सुने। कार्यक्रम के अंत में डॉ शिल्पा सेठ द्वारा अतिथियो का आभार प्रकट कर धन्यवाद दिया गया। इस अवसर पर महिला कर्मचारी श्रीमती संतोष कंवर मोजावत को अधिष्ठाता डॉ राजश्री चौधरी द्वारा सम्मानित किया गया।

*मास्टर ऑफ सोशल वर्क कोर्स, समाजशास्त्र विभाग* में भी महिला दिवस मनाया गया। सामाजिक कार्य के छात्रों द्वारा आयोजित  प्रदर्शनी का उद्घाटन आईएएस शुचि शर्मा और प्रो. सीमा मलिक, डीन, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका और योगदान पर पोस्टर और कविताएँ शामिल थीं। इस अवसर पर महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर पावर पॉइंट प्रदर्शन, महिलाओं और शिक्षा, महिलाओं और स्वास्थ्य, महिलाओं और रक्षा और लिंग असमानता के मुद्दों पर किया गया।

यह प्रदर्शन पाठ्यक्रम समन्वयक, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, डॉ. राजकुमारी अहीर के मार्गदर्शन में किया गया जिसमें विभागाध्यक्ष (समाजशास्त्र) प्रो. पी.एम. यादव, , डॉ. आशीष सिसोदिया, डॉ बालुदान और डॉ. दीपा सोनी मौजूद थे।

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