बेटे ने पिता को लीवर देकर नई ज़िंदगी प्रदान की

अहमदाबाद के जाइडस अस्पताल की देखरेख में सफ़लतपूर्वक लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। 
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उदयपुर के 26 वर्षीय अर्पित नंदावत ने अपने 55 वर्षीय पिता राजेंद्र नंदवत को लीवर देकर उसकी जान बचाई

उदयपुर 20 जुलाई 2021। उदयपुर के 26 वर्षीय अर्पित नंदावत ने अपने 55 वर्षीय पिता राजेंद्र नंदावत को लीवर देकर उसकी जान बचाई। अहमदाबाद के जाइडस अस्पताल की देखरेख में सफ़लतपूर्वक लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। 

दरअसल उदयपुर निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र नंदावत पिछले 20 साल से लीवर की बीमारी से परेशान थे और अंततः बहुत से डॉक्टरों को दिखाने और परिवार के साथ चर्चा करके लीवर ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया। अहमदाबाद के जाइडस हॉस्पिटल में लीवर के विशेषज्ञ और अनुभवी डॉक्टर की टीम की देखभाल में इलाज शुरू किया। लेकिन ज़्यादा समय न होने से घर के किसी सदस्य को लीवर का आधा हिस्सा देने की सलाह के लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई। 

ऐसे में उनके 26 वर्षीय बेटे अर्पित नंदावत ने अपने लीवर का आधा हिस्सा अपने पिता को देने का फैसला किया। अर्पित की मेडिकल टेस्ट, फिटनेस, कानूनी दस्तावेज़ और सरकारी अनुमति के बाद ट्रांसप्लांट की तैयारी शुरू की गई।  26 जून को मरीज़ की सफलतापूर्वक लीवर ट्रांसप्लांट हुआ और इस प्रकार एक बेटे ने अपने पिता को नई ज़िन्दगी प्रदान की। 

सफलतापूर्वक लीवर ट्रांसप्लांट के बाद दोनों पिता पुत्र स्वस्थ है वहीँ दोनों पिता पुत्रो ने जाइडस हॉस्पिटल के डॉक्टर और प्रत्येक लीवर डिपार्टमेंट की टीम की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।   
    

 

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