उदयपुर से लंबा नाता रहा है महिला मंत्री डाॅ. मंजू बाघमार का

उदयपुर से लंबा नाता रहा है महिला मंत्री डाॅ. मंजू बाघमार का 

एलएलबी में भी गोल्ड मेडिलिस्ट रही हैं डाॅ. मंजू

 
manju  baghmer

नई सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार ( Rajasthan Cabinet Expansion) हुआ। जिसमें 22 मंत्रियों ने शपथ ली। राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मंत्रियों को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिनमें बारह कैबिनेट और पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पांच राज्य मंत्री शामिल हैं। जिन 22 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है, उनमें से 17 पहली बार मंत्री बने हैं। वहीं 30 दिसंबर को राजस्थान कैबिनेट में दूसरी महिला मंत्री के रूप में डॉ. मंजू बाघमार ने शपथ ली।

25 साल से उदयपुर में बतौर शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रही प्रोफेसर मंजू बाघमार अब भाजपा सरकार में मंत्री बनी है। राजस्थान की सरकार में ये दूसरी महिला मंत्री हैं। जिन्हे राज्य मंत्री बनाया गया है। बाघमार नागौर के जायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गई हैं। इनके मंत्री बनने पर जायल में खुशी की लहर है। कस्बे सहित विधानसभा क्षेत्र में जगह जगह आतिशबाजी के साथ मिठाई बांटकर समर्थक प्रसन्नता जता रहे हैं । 

मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर भी है नियुक्त  

लेकिन आपको बता दें कि राज्यमंत्री बनी प्रोफेसर मंजू बाघमार का उदयपुर से भी लंबा नाता रहा है। वे यहां पर मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में वर्ष 1998 में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में ज्वाइन किया था। इसके बाद वे 2014 में प्रोफेसर बनीं। तब से लेकर आज तक ये शिक्षा से जुड़ी रहीं। कॉमर्स कॉलेज के प्रोफेसर देवेन्द्र श्रीमाली ने बताया इनका जन्म ब्यावर में हुआ। नागौर में इनका निवास है। इनका ससुराल सोनेली गांव में है। आपको बता दें कि शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रही मंजू बाघमार एलएलबी में भी गोल्ड मेडिलिस्ट रही हैं। आपको बता दें कि वे विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अब पांच साल विशेष छुट्टी पर रहेंगी।

चार चुनाव लड़े दो जीते

जानकारी के अनुसार बाघमार ने नागौर के जायल विधानसभा क्षेत्र के कुल चार चुनाव लड़े। इनमें वे केवल दो ही चुनाव जीत सकीं। पहला चुनाव उन्होंने भाजपा की टिकट पर 2008 में लड़ा लेकिन पराजित हो गई। फिर 2013 में भाजपा से चुनाव लड़ा और उन्होंने जीत दर्ज की। इस दौरान भी वे विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार विशेष छुटटी पर रहीं थी। 2018 में वे फिर मैदान में उतरीं, लेकिन पराजित हो गई। अब 2023 में उन्होंने भाजपा से चुनाव लड़ा और जीतीं। ऐसे अब उन्हे सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।

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