राजकुमार रोत पर टिप्पणी से आदिवासी समाज में आक्रोश
उदयपुर 7 अप्रैल 2026। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने सांसद राजकुमार रोत के खिलाफ संसद में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंगलवार को पार्टी के पदाधिकारियों ने उदयपुर ज़िला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, संसद में वामपंथी उग्रवाद पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत को संबोधित करते हुए कहा था कि "आप चुनाव लड़कर यहां बैठे हैं, नहीं तो आप भी सरेंडर की लिस्ट में होते।" भारत आदिवासी पार्टी का आरोप है कि यह टिप्पणी न केवल एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से पूरे आदिवासी समुदाय को नक्सलवाद से जोड़ने का प्रयास है।
सांसद ने उठाई थी जल-जंगल-जमीन की आवाज
पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रमेश मईडा और जिलाध्यक्ष अमित खराड़ी ने बताया कि संसद में चर्चा के दौरान राजकुमार रोत ने आदिवासियों के हक-अधिकार, 5वीं और 6वीं अनुसूची, पेसा कानून और फॉरेस्ट राइट एक्ट को लागू करने की बात रखी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि नक्सलवाद का ठप्पा लगाकर अक्सर आदिवासियों की आवाज को दबाया जाता है। बीएपी नेताओं का कहना है कि इस बयान से देश के आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग में भारी आक्रोश है। यदि इस पर उचित कार्यवाही नहीं हुई, तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपने सम्मान की लड़ाई को और तेज करेगा।
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