राजस्थान मे आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप मे विकसित करने के निर्देश
Udaipur Times, Rajasthan News, Aanganwadi Centre: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को जयपुर के गांधीनगर स्थित समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) निदेशालय में पोषण 2.0 तथा आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की मुख्य गतिविधियों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ की कार्यप्रणाली की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग की ओर से सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग एवं निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं द्वारा विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियों के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया गया।
मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी पर शाला पूर्व शिक्षा की दैनिक समय सारणी पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य सचिव द्वारा उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त की तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना की। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा केंद्र पर प्रतिदिन बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा एवं देखभाल गतिविधियो का संचालन, अल्पाहार एवं गर्म पका हुआ भोजन, पोषण ट्रैकर पर गतिविधियों को अपडेट करने इत्यादि कार्यो के साथ साथ प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना एवं मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का पंजीकरण, बच्चों के विकास की निगरानी, परिवार सर्वेक्षण कार्य तथा प्रतिदिन लक्षित गृह भ्रमण के बारे में अवगत कराया गया । बैठक में बताया गया कि मासिक गतिविधियों के अंतर्गत महीने में 2 बार समुदाय आधारित कार्यक्रम, महीने में एक बार MCHN दिवस, आंगनबाड़ी प्रबंधन समिति (AMC) एवं कार्यकर्ता-अभिभावक बैठक का आयोजन किया जाता हैं।
उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन संचालन समय मे 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सत्रवार शाला पूर्व शिक्षा की विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती है। मुख्य सचिव ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित किये जाने हेतु दिशा निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आईसीडीएस के आंगनबाड़ी केंद्रों के दैनिक संचालन का का समय समय पर निरीक्षण करें। औचक निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा निर्धारित कलेंडर की अनुपालना सुनिश्चित करें ताकि लाभार्थियों को कल्याणकारी योजनाओं का उचित लाभ प्राप्त हो सके।
100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कार्यो का होगा संकलन
मुख्य सचिव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को चिन्हित कर उनके कार्यो का संकलन कर प्रकाशन किया जाए ताकि अन्य कार्यकर्ता भी प्रेरित हो सके।
विभाग द्वारा किये गए नवाचारों की सराहना
मुख्य सचिव ने विभाग द्वारा शाला पूर्व गतिविधियों तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश में संचालित 'कैश प्लस मॉडल' की प्रशंसा की जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एवं मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना (MMMPY) के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के साथ-साथ व्यवहार परिवर्तन संचार (SBCC) गतिविधियों से जोड़ा गया है।
बच्चों के विकासात्मक विलंब की पहचान एवं प्रबंधन
मुख्य सचिव ने बच्चों में विकासात्मक विलंब (developmental delay) के लक्षणों की शीघ्र पहचान करने के लिए फील्ड कार्यकर्ता के क्षमता वर्धन के संबंध में निर्देश प्रदान किये। उन्होंने सभी संबंधित विभागों में समन्वय पर जोर दिया ताकि बच्चों में विकासात्मक विलंब (developmental delay) के लक्षणों की शीघ्र पहचान कर प्रबंधन किया जा सके। मुख्य सचिव ने इसके लिए यूनिसेफ तथा विभाग को डिजिटल प्रबंधन पर कार्य करने के भी दिशा निर्देश दिये।
AAA कन्वर्जेंस को बेहतर करने के दिये निर्देश
मुख्य सचिव ने ए.एन.एम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी (AAA) के मध्य कन्वर्जेंस को और बेहतर करने के लिए निर्देश प्रदान किये ताकि महिला एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।
बैठक में शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास श्रीमती पूनम, निदेशक ICDS वासुदेव मालावत, वित्तीय सलाहकार मनोज शांडिल्य, अतिरिक्त निदेशक पोषाहार दीनानाथ बब्बल, अतिरिक्त निदेशक अलका विश्नोई, अतिरिक्त निदेशक महिला अधिकारिता नीतू राजेश्वर, उपनिदेशक विखाका सरोज ढाका सहित विभाग के समस्त अधिकारियो के साथ यूनिसेफ तथा IPE ग्लोबल के विभिन्न प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।