10.09 सेकंड में इतिहास: गुरिंदरवीर सिंह बने भारत के सबसे तेज धावक

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Udaipur Times, Sports Update: 25 मई 2026। झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में शनिवार 23 मई को एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 10.09 सेकंड के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। 

दरअसल, बिरसा मुंडा स्टेडियम में पिछले दो दिनों में रेसिंग के दीवानों के लिए बेहद रोमांचक अवसर मिला जहाँ शुक्रवार 22 मई को गुरिंदरवीर ने सेमीफ़ाइनल में 10.17 सेकंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी कर छत्तीसगढ़ के अनिमेष का रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन उनका ये रिकॉर्ड 10 मिनट से ज़्यादा नहीं टिक सका और छत्तीसगढ़ के रिकॉर्डधारी अनिमेष ने दूसरे सेमीफ़ाइनल में 10.15 सेकंड में रेस पूरी कर रिकॉर्ड एक बार फिर अपने नाम कर लिया। 

अगले दिन यानि शनिवार 23 मई को दोनों दिग्गज गुरिंदरवीर और अनिमेष फिर ट्रैक पर थे जहाँ भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक और अध्याय लिखा गया। गुरिंदरवीर सिंह ने रेस की शुरुआत से ऐसी रफ़्तार पकड़ी कि अनिमेष समेत दूसरे प्रतिद्वंद्वियों के लिए उन्हें पकड़ना नामुमकिन हो गया। गुरिंदरवीर सिंह ने फिनिश लाइन तक अपनी रफ़्तार बरकरार रखी गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकंड के साथ रेस जीत ली। 

फिनिश लाइन पार करते ही उन्होंने  ज़ोरदार गर्जना की करते हुए अपनी जर्सी से बिब नंबर फाड़कर ट्रैक पर फेंक दिया जिस पर एक संदेश लिखा था, 'टास्क इज़ नॉट फिनिश्ड यट, वेट आई एम स्टिल स्टैंडिंग (काम अभी पूरा नहीं हुआ है, इंतज़ार करो मैं अब भी खड़ा हूँ।)'

आपको बता दे कि गुरिंदरवीर सिंह पंजाब के जालंधर ज़िले के पत्याल गांव के निवासी हैं। उन्होंने छठी कक्षा से ही एथलेटिक्स की शुरुआत कर दी थी। गुरिंदरवीर को एथलेटिक्स में लाने का श्रेय पंजाब पुलिस में ASI उनके पिता कमलजीत सिंह को जाता है। गुरिंदरवीर सिंह के पिता कमलजीत सिंह खुद भी वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं। 

नौवीं क्लास में पहुंचने पर गुरिंदरवीर सिंह ने कोच सरवन सिंह से ट्रेनिंग लेनी शुरू की। नौवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वो जालंधर चले गए और वहां कोच सरबजीत सिंह हैप्पी से कोचिंग ली। उनसे कोचिंग लेने के बाद गुरिंदरवीर सिंह ने कई टूर्नामेंट्स में मेडल जीते। 

गुरिंदरवीर सिंह की अन्य उपलब्धियां 

अंडर-18 एथलेटिक्स में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया 
अंडर-19 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। 
अंडर-20 में गुरिंदरवीर ने 100 मीटर दौड़ 10.35 सेकंड में पूरी कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। 
यूथ एशिया, जूनियर एशिया, जूनियर सैफ और यूरो एशिया प्रतियोगिताओं में भी गोल्ड मेडल जीता। 
सैफ़ सीनियर गेम्स की रिले रेस में उन्होंने मेडल हासिल किए। 
कोरोना के बाद 2021 में पटियाला में आयोजित एक मीट में उन्होंने 100 मीटर दौड़ 10.27 सेकंड में पूरी की। उस समय वे राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ़ एक माइक्रो सेकंड दूर रह गए थे। 
हालांकि उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वे फ़ाइनल में जगह नहीं बना सके। 

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