Udaipur Times, Sports News: Lacrosse: कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय लेक्रोज प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि में उदयपुर जिले के जनजाति क्षेत्र की 9 महिला खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। राजस्थान की इन बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और संघर्ष की भावना का परिचय देते हुए देश का गौरव बढ़ाया।
भारतीय महिला टीम में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ियों में कप्तान डाली गमेती, सुनीता मीणा, यशिष्ठा बत्रा, जुला कुमारी गुर्जर, मीरा दौजा, विशाखा मेघवाल, यशोदा गमेती, रोशनी बोस एवं जानवी राठौड़ शामिल रहीं। इन खिलाड़ियों ने प्रशिक्षक नीरज बत्रा, शकील खान एवं मैनेजर शहज़ाद खान के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को पदक तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
लीग मुकाबलों में दिखाया दमदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक और शानदार खेल का प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने मेजबान मलेशिया को 27-3 के बड़े अंतर से पराजित किया। इसके बाद फिलीपींस को 20-2 से हराकर टीम ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में भारतीय महिला टीम का सामना मजबूत सिंगापुर की टीम से हुआ। यह मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम क्षणों तक शानदार खेल दिखाते हुए सिंगापुर को 10-9 से पराजित कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
राजस्थान की बेटियों का अहम योगदान
भारतीय महिला टीम की इस उपलब्धि में राजस्थान के जनजाति क्षेत्र से चयनित 9 खिलाड़ियों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, उनकी इस शानदार सफलता पर सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद इन खिलाड़ियों ने लगातार मेहनत, प्रशिक्षण और अनुशासन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है, उन्होंने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘लक्ष्य ओलंपिक’ के तहत इन यशस्वी खिलाड़ियों के सुरक्षित भविष्य एवं खेल उन्नयन हेतु हर संभव मदद का विश्वास दिलाया।
राजस्थान की इन बेटियों की सफलता न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है, बल्कि जनजाति क्षेत्र की अन्य बालिकाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि यदि प्रतिभा को उचित प्रशिक्षण, अवसर और सहयोग मिले तो राजस्थान के ग्रामीण एवं जनजाति क्षेत्रों से निकलने वाले खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
भारतीय टीम के प्रशिक्षक नीरज बत्रा तथा मैनेजर शहज़ाद खान की भूमिका भी इस सफलता में महत्वपूर्ण रही। टीम प्रबंधन के निरंतर मार्गदर्शन के चलते भारतीय महिला टीम ने प्रतियोगिता में बेहतर सामंजस्य और अनुशासन के साथ प्रदर्शन किया।
भारतीय दल के चीफ डे मिशन इमरान लारी ने भी टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान आत्मविश्वास और टीम भावना के साथ खेलते हुए देश को गौरवान्वित किया।
खेल जगत में खुशी की लहर
भारतीय महिला टीम के कांस्य पदक जीतने पर लेक्रोज एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सीईओ तौसीफ लारी, विभिन्न राज्यों के लेक्रोज पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। वहीं राजस्थान लेक्रोज संघ के अध्यक्ष अशोक परनामी, लैक्रोज प्रवर्तक एवं आयुक्त, क्षेत्रीय जनजाति विकास विभाग, प्रज्ञा केवलरमानी, वित्त पोषक राजस्थान माइन्स एंड मिनिरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) के अध्यक्ष डॉ. पी. रमेश, कीर्ति राठौड़, बी.एस. पत्राबत, भावना शर्मा सहित विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं खेल प्रेमियों ने भारतीय टीम और राजस्थान की सभी खिलाड़ियों को उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।