मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलिंपिक में सिल्वर से खोला खाता

वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 49 किलोग्राम वर्ग में जीता सिल्वर मेडल - 2000 सिडनी ओलिंपिक के बाद वेट लिफ्टिंग में भारत का दूसरा मैडल

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MeerabaiChanu

ओलम्पिक खेलो के इतिहास में पहली बार भारत ने पहले दिन कोई मेडल जीता; बनी भारत की 29वि ओलिंपिक मेडल विजेता...

जापान के टोक्यो में विश्व के सबसे बड़े खेलों का आगाज़ शुरू हो चूका है। भारतीय महिला स्टार वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू टोक्यो ओलिंपिक में पहले ही दिन 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले ओलम्पिक खेलों के इतिहास में भारत को कभी भी पहले ही दिन किसी ने मेडल नहीं दिलवाया है। 

मीराबाई 2017 में वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (48 किलो) की चैंपियन बनी थीं। उन्होंने इस साल अप्रैल में में 86 किलो स्नैच और वर्ल्ड रेकॉर्ड 119 किलो वजन उठाकर खिताब जीता था। उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। चानू के 2016 के रियो ओलिंपिक निराशाजनक रहा था। लेकिन उसके बाद उन्होंने अपने खेल में लगातार सुधार किया। उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2018 में कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीता था। मीराबाई के पहले सन 2000 सिडनी ओलिंपिक में करनम मल्लेश्वरी ने 69kg वर्ग में कांस्य पदक जीत के ओलिंपिक में वेट लिफ्टिंग में भारत का खाता खोला था।

Meerabai Chanu

8 अगस्त 1994 में मणिपुर निवासी 26 वर्षीय चानू बीते ओलिंपिक से अब तक अपने खेल में काफी सुधार किया है। उन्होंने अपनी तकनीक में काफी सुधार किया है। चानू 1 मई को स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग की ट्रेनिंग करने के लिए अमेरिका चली गई थी। उन्होंने अपने कोच डॉक्टर आरोन हार्सचिंग के साथ ट्रेनिंग की। उन्होंने वहां अपने कंधे की चोट का इलाज भी करवाया। मीराबाई अमेरिका से सीधा जापान ओलिंपिक के लिए पहुंचीं।
 

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