उदयपुर मे अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी दिवस पर वरिष्ठ मुक्केबाजों का हुआ सम्मान
Udaipur Times, Sports News: राजस्थान एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी दिवस के अवसर पर 27 अगस्त को विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुक्केबाजी के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान देने वाले पूर्व वरिष्ठ मुक्केबाजों, महिला मुक्केबाजों एवं ऑफिशल्स को सम्मानित कर खेल के प्रति उनके समर्पण एवं योगदान को नमन किया गया।
राजस्थान एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन के सचिव डॉ. हेमराज सिंह चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष 27 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रशिक्षकों, वरिष्ठ मुक्केबाजों, ऑफिशल्स तथा मुक्केबाजी से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों का सम्मान कर खेल की प्रतिष्ठा, गरिमा और परंपरा को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी के मुक्केबाजों को अपने वरिष्ठों के अनुभव एवं उपलब्धियों से प्रेरणा लेने तथा नियमित अभ्यास, अनुशासन और कठिन परिश्रम के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
उन्होंने बताया कि मुक्केबाजी केवल शारीरिक क्षमता का खेल नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और विषम परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता भी आवश्यक होती है। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी दिवस का प्रमुख उद्देश्य युवा एवं जूनियर मुक्केबाजों में इन गुणों का विकास करते हुए उन्हें खेल के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करना है।
कल सायं आयोजित सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि हर्षवर्धन सिंह सिसोदिया रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि श्री अजय सोनी, देवगढ़ एवं वरिष्ठ मुक्केबाजी प्रशिक्षक वर्धमान सिंह नरूका थे। समारोह की अध्यक्षता इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. दीपेंद्र जसकरण सिंह चौहान ने की।
समारोह में वरिष्ठ मुक्केबाजों भवानी सिंह राठौड़, कुलदीप जोशी ‘गोपाल’, प्रकाश प्रजापत, प्रताप सिंह राठौड़, गजेंद्र शर्मा, सरदार सिंह राणावत एवं हिमांशु छाजेड़ को सम्मानित किया गया। वहीं महिला मुक्केबाजों कर्णिका चंपावत, विमला कंवर, एंजेल कुमारी, चेष्टा मेड़तिया, लविषा एवं लक्षिता का भी विशेष सम्मान किया गया।
सभी सम्मानित खिलाड़ियों को पाग एवं उपरणा धारण करवाकर तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों का सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे मुक्केबाजी की समृद्ध परंपरा एवं खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी के विकास, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा राजस्थान में बॉक्सिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया।