सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले करे ये काम, वरना होगा बड़ा नुकसान

 | 
सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले करे ये काम, वरना होगा बड़ा नुकसान

Udaipur Times, Used Car Buying Tips : अगर आप भी कोई पुरानी गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे है तो आज हम आपके लिए जरूरी जानकारी लेकर आए है। अगर आप पुरानी यानी सेकेंड हैंड कार खरीदना चाहते है तो आज जानकारी बताने जा रहे है जिससे लापरवाही से आप बच सकते है। 

सेकेंड हैंड कार खरीदते समय कभी भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। अक्सर लोग गाड़ी की बॉडी, इंजन और माइलेज को देखकर उस सेकेंड हैंड कार को तुरंत खरीद लेते हैं, लेकिन उसके कानूनी दस्तावेजों और बैकग्राउंड को चेक करना भूल जाते हैं। Used Car Buying Tips

सोचो अगर आपने एक सेकेंड हैंड कार खरीदी और अगले ही दिन उसके पेडिंग चालान का नोटिस आ जाए या पता चले कि गाड़ी किसी क्रिमिनल केस या एक्सीडेंट में भी हो यूज हो गई है। 

ऐसे लफड़ों से बचने के लिए कार का की पूरी जानकारी चेक करना बहुत जरूरी है। आइए देखें सभी जानकारीं कैसे करे चेक... Used Car Buying Tips

ऐसे चेक करें चालान हिस्ट्री

परिवहन सेवा (Parivahan Sewa) वेबसाइट से चालान की हिस्ट्री जानने के लिए ये स्टेल-बाय-स्टेप प्रोसेस Used Car Buying Tips

फोन या कंप्यूटर पर इलेक्ट्रॉनिक चालान सिस्टम (echallan।parivahan।gov।in) की वेबसाइट पर जाएं।

होमपेज पर आपको ‘Check Online Services’ का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करके ‘Check Challan Status’ चुनें। Used Car Buying Tips

अब आपके पास तीन विकल्प होंगे: चालान नंबर, व्हीकल नंबर (गाड़ी का नंबर) या डीएल नंबर। आप ‘Vehicle Number’ का विकल्प चुनें।

गाड़ी का नंबर दर्ज करें। इसके बाद सेफ्टी के लिए कार के चेसिस नंबर (Chassis Number) या इंजन नंबर के आखिरी 5 अंक डालें।

कैप्चा कोड भरकर ‘Get Detail’ पर क्लिक करें। स्क्रीन पर गाड़ी के सारे पेंडिंग और भुगतान किए गए चालान की लिस्ट आ जाएगी। Used Car Buying Tips

पुलिस केस/FIR

कार चोरी की न हो या किसी पुलिस केस से न जुड़ी हो। इसके लिए प्रोसेस

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप Digital Police Portal के जरिए Stolen Vehicle Enquiry चेक कर सकते हैं। यहां गाड़ी का नंबर डालने पर पता चल जाएगा कि वह चोरी की लिस्ट में है या नहीं। Used Car Buying Tips

लगभग हर राज्य की पुलिस (जैसे दिल्ली पुलिस, यूपी पुलिस, एम-परिवहन आदि) के अपने मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स हैं। वहां Vehicle Verification सेक्शन में जाकर आप गाड़ी की एफआईआर (FIR) हिस्ट्री चेक कर सकते हैं। Used Car Buying Tips

CarInfo या CarDekho जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स: अगर आप और भी आसान तरीका चाहते हैं, तो प्ले स्टोर से इन ऐप्स को डाउनलोड करके सिर्फ गाड़ी का नंबर डालकर उसका पूरा ब्लैकलिस्ट स्टेटस, चालान और ओनरशिप हिस्ट्री 10 सेकंड में देख सकते हैं।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News