धूप नहीं, बादल छाने पर भी बनेगी बिजली ! सोलर पैनल की ये 2 नई टेक्नोलॉजी कैसे करेगी कमाल
Udaipur Times, Best Efficiency Solar Panel : आज के दौर में टेक्नोलॉजी हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। स्मार्टफोन और AI के बाद अब इसका असर सोलर पैनल (Solar Panel) पर भी दिखाई दे रहा है। अब ऐसे सोलर पैनल (Solar Panel) का निर्माण हो रहा है जो सिर्फ तेज धूप में ही नहीं, बल्कि कम रोशनी और बादलों के दौरान भी बिजली पैदा कर सकते हैं। इससे साल के अधिक दिनों तक बिजली उत्पादन संभव हो सकेगा। अगर आप भी अपने घर में सोलर पैनल लगाने की योजना बना रहे हैं, तो इन दो नई तकनीकों के बारे में जानना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
1. पेरोव्स्काइट सोलर सेल (Perovskite Solar Cells)
यह सोलर तकनीक इस समय सबसे उन्नत मानी जा रही है। पेरोव्स्काइट सोलर (Perovskite Solar Cells) सेल्स विजिबल (Visible) और इंफ्रारेड (Infrared) दोनों तरह की रोशनी को अवशोषित कर सकते हैं, जिससे इनकी दक्षता काफी बढ़ जाती है। प्रयोगशाला परीक्षणों में इनकी दक्षता 30 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।
क्या हैं इसके फायदे?
कम रोशनी में भी बेहतर बिजली उत्पादन।
निर्माण प्रक्रिया आसान और कम तापमान पर आधारित।
हल्के और लचीले (Flexible) पैनल बनाए जा सकते हैं।
भविष्य में 27-30 प्रतिशत से अधिक दक्षता हासिल करने की क्षमता।
क्या हैं इसकी चुनौतियां?
अधिक गर्मी और नमी में प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
बड़े पैमाने पर उत्पादन अभी चुनौती बना हुआ है।
तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और व्यावसायिक रूप से सीमित उपलब्ध है।
2. TOPCon बाइफेशियल सोलर मॉड्यूल (Bifacial solar module)
TOPCon यानी Tunnel Oxide Passivated Contact तकनीक वाले बाइफेशियल सोलर पैनल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पारंपरिक पैनल केवल सामने से आने वाली धूप को अवशोषित करते हैं, जबकि ये पैनल आगे और पीछे दोनों तरफ से रोशनी लेकर बिजली बना सकते हैं।
जमीन, पानी या बिल्डिंग से परावर्तित (Reflected) रोशनी का भी उपयोग करने के कारण इनकी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ जाती है।
क्या हैं इसके फायदे?
दोनों तरफ से रोशनी लेकर अधिक बिजली उत्पादन।
कम धूप वाले मौसम में भी बेहतर प्रदर्शन।
उच्च दक्षता वाले सिलिकॉन सेल का उपयोग।
लंबे समय में ज्यादा बिजली उत्पादन और बेहतर रिटर्न।
क्या हैं इसकी कमियां?
पारंपरिक पैनलों की तुलना में कीमत अधिक।
हल्की छाया (Shade) पड़ने पर प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
सही इंस्टॉलेशन के लिए विशेष डिजाइन और जगह की जरूरत।
