Ola, TVS, Hero और Bajaj में कौन-सा EV स्कूटर है आपके लिए सबसे बेस्ट? देखें टॉप 10 स्कूटर की लिस्ट
Udaipur Times, Best EV Scooters in India 2026: इन दिनों भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इलेक्ट्रिक स्कूटर इस बदलाव के सबसे बड़े केंद्र बन गए हैं। पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, सरकार की सब्सिडी योजनाएं और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण लोग अब तेजी से इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक भारत दुनिया के सबसे बड़े EV बाजारों में शामिल हो सकता है।
भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की तेजी से बढ़ती मांग
बीते कुछ सालों में भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री में लगातार बढ़त देखी गई है। FAME-II जैसी सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी ने शुरुआती कीमत को कम किया है, जिससे आम उपभोक्ता के लिए EV खरीदना आसान हुआ है। इसके अलावा कई राज्य सरकारें रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट भी दे रही हैं।
पेट्रोल स्कूटर की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटर का चलाने का खर्च काफी कम है। जहां पेट्रोल स्कूटर का खर्च लगभग 1.8 से 2.2 रुपये प्रति किलोमीटर तक आता है, वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर का खर्च लगभग 50 से 60 पैसे प्रति किलोमीटर होता है।
EV स्कूटर खरीदने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय रेंज, बैटरी क्षमता, चार्जिंग समय, सर्विस नेटवर्क और बैटरी वारंटी सबसे महत्वपूर्ण कारक होते हैं। उपयोगकर्ता को अपनी दैनिक यात्रा से कम से कम 20 से 30 प्रतिशत अधिक रेंज वाला स्कूटर चुनना चाहिए ताकि बैटरी की चिंता न रहे।
भारत के टॉप इलेक्ट्रिक स्कूटर और उनकी कीमतें
Ola S1 Pro
कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये से 1.50 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह स्कूटर लगभग 195 किलोमीटर की ARAI रेंज और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड के साथ आता है। यह अपने स्मार्ट फीचर्स और हाई परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है, हालांकि कुछ शहरों में इसका सर्विस नेटवर्क अभी विकसित हो रहा है।
TVS iQube
इसकी कीमत लगभग 1.13 लाख रुपये से 1.46 लाख रुपये तक जाती है। यह 100 से 145 किलोमीटर की रेंज और लगभग 78 से 82 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड प्रदान करता है। यह स्कूटर अपने मजबूत सर्विस नेटवर्क और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के लिए लोकप्रिय है।
Bajaj Chetak
इसकी कीमत लगभग 1.10 लाख रुपये से 1.56 लाख रुपये के बीच है। यह 113 से 153 किलोमीटर की रेंज देता है और इसकी टॉप स्पीड लगभग 73 किलोमीटर प्रति घंटा है। मेटल बॉडी और प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी इसकी खासियत है।
Ather 450X
इसकी कीमत लगभग 1.47 लाख रुपये से 1.66 लाख रुपये तक है। यह लगभग 111 से 150 किलोमीटर की रेंज और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड के साथ आता है। यह स्कूटर अपनी स्पोर्टी राइडिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है।
Ather Rizta
इसकी कीमत लगभग 1.09 लाख रुपये से 1.44 लाख रुपये तक है। यह 123 से 160 किलोमीटर की रेंज और लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड देता है। यह फैमिली उपयोग के लिए डिजाइन किया गया आरामदायक स्कूटर है।
Hero Vida V1
इसकी कीमत लगभग 44,990 रुपये से 1.20 लाख रुपये तक है। यह 110 से 165 किलोमीटर की रेंज प्रदान करता है। इसमें रिमूवेबल बैटरी दी गई है, जो इसे अपार्टमेंट उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाजनक बनाती है।
Ampere Magnus
इसकी कीमत लगभग 85,000 रुपये से 1.05 लाख रुपये तक है। यह लगभग 100 किलोमीटर की रेंज और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड देता है। यह बजट सेगमेंट के ग्राहकों के लिए उपयुक्त विकल्प है।
TVS iQube ST
इसकी कीमत लगभग 1.58 लाख रुपये से 1.85 लाख रुपये तक है। यह 145 किलोमीटर की रेंज और लगभग 82 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के साथ आता है। यह iQube सीरीज का प्रीमियम मॉडल है।
Bajaj Chetak Urbane
इसकी कीमत लगभग 95,000 रुपये से 1.20 लाख रुपये तक है। यह 113 किलोमीटर की रेंज प्रदान करता है और इसकी स्पीड लगभग 63 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह कम बजट में प्रीमियम अनुभव देने वाला विकल्प है।
Hero Optima CX
इसकी कीमत लगभग 70,000 रुपये से 95,000 रुपये तक है। यह 55 से 85 किलोमीटर की रेंज और लगभग 42 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड देता है। यह सबसे किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से एक है।
आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक स्टूकर परिवहन का बनेंगे मुख्य साधन
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक स्कूटर केवल एक विकल्प नहीं रहेंगे बल्कि मुख्य परिवहन साधन बन जाएंगे। सरकार द्वारा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, बैटरी उत्पादन को बढ़ावा और नई तकनीकों के विकास से यह क्षेत्र और तेजी से आगे बढ़ेगा। हालांकि शुरुआती कीमत पेट्रोल स्कूटरों की तुलना में थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन कम रनिंग कॉस्ट और कम मेंटेनेंस खर्च इसे लंबे समय में अधिक किफायती बनाते हैं।
2030 तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह साफ है कि आने वाला समय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का ही होगा।
