साल में 6 महिने जलमग्न रहता है यह मन्दिर

सावन में करें जलमग्न महादेव के दर्शन 

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shiv mandir semari

उदयपुर। वैसे तो भारत के कई अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक स्थल मौजुद हैं और बहुत कम लोग हैं जो इन धार्मिक स्थलों के बारे में जानते हैं। आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे मंदिर कि जिसमें साक्षात भगवान के दर्शन मिलते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं उदयपुर जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमिटर सराड़ा से आगे सेमारी गांव में तालाब के नजदीक स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर की जहां साल में  लगभग 6 महीने भगवान शिव जलमग्न रहते हैं और उसके बाद वो लोगों को दर्शन देने के लिए प्रकट हो जाते हैं।

इसलिए आज हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको इस मंदिर के कुछ रोचक तथ्यों के बारे में बताएंगे जिसको सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। सेमारी में स्थित ये मंदिर कई वर्ष पुराना हे प्रतिवर्ष बारिश के शुरुआती दौर में ही यह मन्दिर जल मग्न हो जाता है आपको बता दें कि, यहां के स्थानीय लोगों के लिए ये मंदिर किसी रोमांचकारी अनुभव से कम नहीं होता है।

shiv mandir

जल मग्न होने के बावजूद श्रद्धालु पानी में तेरकर भगवान शिव के दर्शन करते है । भक्तो का मानना है कि जलमग्न महादेव के दर्शन मात्र से इच्छा पुरी हो जाती है । 

सावन माह के पहले दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। ज्योतिष के अनुसार श्रावण माह में व्रत रखने और भगवान शिव की अराधना से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। परिवार में सुख शांति रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर साल सावन के महीने में शिवजी पृथ्वी पर आते हैं। इसलिए इस महीने में शिव की पूजा में भक्त लीन रहते हैं। इस मौके पर हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं, जो विशेष महत्व रखता है।

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