पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी, साउथ के 17 जिलों को मिलेगा फायदा

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Udaipur Times, Railway News: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली में आर्थिक मामलों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की समिति ने रेल मंत्रालय की लगभग 10,021 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी है। Railway News

इन परियोजनाओं में अरक्कोनम–रेनिगुंटा (Arakkonam-Renigunta ) तीसरी और चौथी लाइन77 किमी, व्हाइटफील्ड–बांगरपेट (Whitefield-Bangarapet) तीसरी और चौथी लाइन47 किमी, होसुर–ओमालूर (Hosur-Omalur) दोहरीकरण मार्ग147 किमी, सलेम-करूर-डिंडीगुल (Salem-Karur-Dindigul) दोहरीकरण-159 किलोमीटर एवं सिकंदराबाद घाटकेसर से काजीपेट (Secunderabad (Ghatkesar)-Kazipet) तक 110 किलोमीटर की मल्टीट्रैकिंग शामिल है ।

बढ़ी हुई लाइन क्षमता से भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं परिचालन को सुव्यवस्थित और भीड़भाड़ को कम करेगी। Railway News

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैंजिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगोंवस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। Railway News

तमिलनाडुआंध्र प्रदेशकर्नाटक और तेलंगाना राज्यों के 17 जिलों में फैली इन पांच परियोजनाओं से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 2,121 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगीजिनकी आबादी लगभग 52 लाख है। Railway News

स्वीकृत क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगाजिनमें तिरूपतिसुब्रमण्यम स्वामी मंदिर (तिरुत्तानी)श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर (तिरूचनूर)कोटिलिंगेश्वर देवालयश्री सेठी ब्यारवेश्वर स्वामी मंदिरबंगारू तिरूपतिकोलार गोल्ड फील्ड्सहोगेनक्कल फॉल्सहोसुर किलामेट्टूर बांधकोडाइकनाल हिल्ससत्यमंगलम वन्यजीव अभयारण्यनमक्कल अंजनेयार मंदिरनमक्कल किलाकल्याण पसुपतिश्वर मंदिरयादगिरिगुट्टा मंदिरभोंगीर किलासुरेंद्रपुरीस्वर्णगिरि मंदिरआदि शामिल हैं।

ये परियोजनाएं कोयलासीमेंटलोहा और इस्पातकंटेनरऑटोमोबाइलअनाजपेट्रोलियम उत्पादउर्वरक आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 47 मिलियन टन (एमटीपीएकी अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी।

 

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