नीमच माता और दूधतलाई के बाद अब धोलियाजी बावजी रोपवे की तैयारी
उदयपुर 12 मई 2026। दूधतलाई और नीमच माता रोपवे के बाद अब शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर गोगुन्दा की वादियों में नए इको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होने वाले धोलियाजी बावजी में तीसरा रोपवे स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। यह रोपवे न केवल श्रद्धालुओं की राह आसान करेगा, बल्कि उदयपुर के पर्यटन मानचित्र पर गोगुन्दा को एक क्लाउड पॉइंट के रूप में स्थापित करेगा।
ज़िला कलेक्टर गौरव अग्रवाल द्वारा गठित 4 सदस्यों वाली विशेष टीम ने पहाड़ी पर पहुंचकर रोपवे और अन्य पर्यटन सुविधाओं की संभावनाओं का मौका मुआयना किया। सर्वे टीम में DFO (उत्तर) शैतान सिंह देवड़ा, पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच, ACF राजेंद्र सिंह, रेंजर जयवर्धन सिंह, PWD XeN तथा गोगुन्दा BDO शामिल रहे।
आपको बता दे कि बजट घोषणा के तहत यहाँ रोपवे, इको टूरिज्म और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान किया गया था। टीम अब फिज़िबिलिटी रिपोर्ट ज़िला प्रशासन को सौपेंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी जाएगी। प्रोजेक्ट के तहत यहाँ केवल रोपवे ही नहीं बल्कि वन संरक्षण नियमो के भीतर रहते हुए पाथवे, ट्रेल और व्यू पॉइंट भी बनाये जाएंगे।
गोगुन्दा स्थित धोलियाजी बावजी की पहाड़ी समुद्र तल से 1200 मीटर की ऊंचाई पर है। रोपवे से अरावली की चोटियों का नज़ारा देखने को मिलेगा। मानसून में यह पहाड़ी पूरी तरह बादलो से घिर जाती है। अभी यहाँ केवल श्रद्धालु और स्थानीय लोग पहुँचते है। रोपवे बनने के बाद यहां पर्यटकी आवाजाही कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
Source: Media Reports
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