South Coast Railway बना भारतीय रेलवे का 18वां ज़ोन
इस ज़ोन का मुख्यालय विशाखापत्तनम में होगा
नई दिल्ली 6 मई 2026। भारत सरकार के गजट या राजपत्र में अधिसूचना के मुताबिक दक्षिणी तट रेलवे (South Coast Railway) भारतीय रेल (Indian Railways) का 18वां जोन होगा। अधिसूचना के मुताबिक अगले महीने की पहली तारीख से यह ज़ोन फंक्शनल हो जाएगा।
साल 2019 के बजट में एक नए रेलवे जोन (Railway Zone) की घोषणा की गई थी। उसका मुख्यालय आंध्र प्रदेश में होना था। इसी सप्ताह आए रेल मंत्रालय (Ministry Of Railways) द्वारा जारी इस गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक इसका नाम दक्षिणी तट रेलवे (South Coast Railway) रखा गया है। इसका मुख्यालय आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में होगा।
इस ज़ोन को अभी के ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway) और साउथ सेंट्रल रेलवे (South Central Railway) ज़ोन से कुछ हिस्से को काट कर बनाया गया है। ईस्ट कोस्ट रेलवे ECoR का मुख्यालय ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में है जबकि साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) का मुख्यालय तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास सिकंदराबाद में है।
इस जोन में कितने डिवीजन
इस नवगठित जोन में करीब 3,300 रूट किलोमीटर का रेल मार्ग होगा। ये रेल मार्ग आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में फैले हैं। दक्षिण तट रेलवे जोन में साउथ सेंट्रल रेलवे के अंतर्गत आने वाले गुंतकल, गुंटूर और विजयवाड़ा डिवीजन शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा, रेलवे ECoR के पुराने वाल्टेयर डिवीजन को बांट दिया गया है। इसका ओडिशा वाला हिस्सा पूर्वी तट रेलवे में रह जाएगा। इसे मैनेज करने के लिए वहां एक नया रायगड डिवीजन बनाया गया है। शेष हिस्से का प्रबंधन करने के लिए एक नया विशाखापत्तनम डिवीजन बनाया गया है।
दक्षिणी तट रेलवे (South Coast Railway) का हेडक्वार्टर विशाखापत्तनम में होगा। इस ज़ोन के गठन को 7 फरवरी 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा एक्स पोस्ट फैक्टो मंजूरी दी गई थी। इसका अर्थ है कि निर्णय के बाद औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस ज़ोन का मुख्यालय बनना शुरू हो गया है। PM मोदी ने जनवरी 2025 में इसका शिलान्यास कर दिया था। नए जोन का मुख्यालय बनाने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने अगस्त 2024 में मुदासरलोवा क्षेत्र में 52.2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 184 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
भारतीय रेल में अभी तक कुल 17 जोन थे। इनमें मध्य रेलवे (CR) मुख्यालय- मुंबई, पूर्व रेलवे (ER) मुख्यालय-कोलकाता, पूर्व मध्य रेलवे (ECR) मुख्यालय- हाजीपुर, पूर्वी तट रेलवे (ECoR) मुख्यालय-भुवनेश्वर, उत्तर रेलवे (NR) मुख्यालय-दिल्ली उत्तर मध्य रेलवे (NCR) मुख्यालय-प्रयागराज, पूर्वोत्तर रेलवे (NER) मुख्यालय-गोरखपुर, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) मुख्यालय-गुवाहाटी, उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) मुख्यालय-जयपुर, दक्षिण रेलवे (SR) मुख्यालय-चेन्नई, दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) मुख्यालय-सिकंदराबाद, दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) मुख्यालय-कोलकाता, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) मुख्यालय-बिलासपुर, दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) मुख्यालय-हुबली, पश्चिम रेलवे (WR) मुख्यालय-मुंबई और पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) मुख्यालय-जबलपुर शामिल हैं। इनके साथ ही कोलकाता में मेट्रो रेलवे (Metro Railway) को भी जोनल रेलवे का दर्जा दिया गया है। अब इसमें दक्षिणी तट रेलवे (SCor) मुख्यालय-विशाखापत्तनम भी जुड़ गया है। यह भारतीय रेल का 18वां जोन होगा।
क्या होता है रेलवे जोन
भारतीय रेलवे में जोनल रेलवे को प्रशासनिक इकाई की तरह डेवलप किया गया है। इसके प्रधान GM होते हैं। इनके अंतर्गत डिवीजन होता है जिनके प्रधान DRM होते हैं। भारतीय रेल के ढांचे में DRM और GM बेहद महत्वपूर्ण पद होते हैं। दरअसल यही अधिकारी ही रेलवे के दैनिक ऑपरेशन के लिए उत्तरदायी होते हैं।
Source: Media Reports
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