उदयपुर एयरपोर्ट पर पहली बार 'गगन' तकनीक से इंडिगो एयरबस A-320 की सफल लैंडिंग

ISRO-AAI की 'गगन' तकनीक से बदलेगी एयर ट्रैवल की तस्वीर, उदयपुर बना मिसाल
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Udaipur AIrport Update

 

Udaipur Times: Aviation News: 30 जून 2026। डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर पहली बार स्वदेशी सेटेलाइट आधारित नेविगेशन प्रणाली 'गगन' की मदद से इंडिगो के एयरबस A-320 जेट विमान की सफल लेंडिंग की गई। Aviation News

इससे पूर्व 'गगन' तकनीक का उपयोग छोटे टर्बोप्रॉप विमानों तक था। यह पहला अवसर है जब किसी बड़े यात्री जेट विमान की स्वदेशी तकनीक से सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई।  Aviation News

आपको बता दे की 'गगन' ( जीपीएस एडेड जियो ऑग्मेंटेड नेविगेशन) प्रणाली को ISRO और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने विकसित किया है।  यह सेटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम विमान को सटीक स्थिति बताता है एवं विमान को रनवे तक पहुँचने में सटीक मार्गदर्शन प्रदान करता है।  GAGAN Navigation System

गगन प्रणाली पूरे देश में स्थापित 15 ग्राउंड रेफरेंस स्टेशनो के ज़रिये जीपीएस सिग्नलों को लगातार निगरानी करती है।  यदि सिग्नल में किसी प्रकार की त्रुटि या अंतर मिलता है तो तुरंत ठीक कर सेटेलाइट से विमान तक संशोधित जानकारी भेजी जाती है।  इससे विमान की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन संभव हो जाता है और लैंडिंग की सुरक्षा बढ़ जाती है। GAGAN Navigation System

उल्लेखनीय है की अब तक ज़्यादातर बड़े एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग हेतु इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) जैसे महंगे ज़मीन आधारित उपकरणों की आवश्यकता होती थी। गगन तकनीक के सफल उपयोग के बाद ऐसे एयरपोर्ट, जहाँ ILS नहीं है या सिमित है, वहां भी सुरक्षित और सटीक लैंडिंग आसान हो जाएगी। Aviation News

गगन तकनीक का सबसे बड़ा फायदा खराब मौसम, धुंध, बरसात या कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में भी पायलट को विमान की सटीक स्थिति और रनवे की दिशा का स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा जिससे उड़ानों की सुरक्षा बढ़ेगी और डायवर्जन की संभावना कम होगी और यात्रियों को सुरक्षित हवाई यात्रा उपलब्ध होगी। GAGAN Navigation System

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