नए कलेवर में फिर शुरू होगी उदयपुर की हेरिटेज वॉक

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नए कलेवर में फिर शुरू होगी उदयपुर की हेरिटेज वॉक

 

 

Udaipur Times, Tourism: झीलों की नगरी उदयपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को अब शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास, पारंपरिक कला एवं जीवनशैली से रूबरू करवाने के लिए नगर निगम द्वारा नए कलेवर में हेरिटेज वॉक को पुनः शुरू किया जा रहा है।

इसका विधिवत शुभारंभ रविवार को उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक प्रज्ञा केवलरमानी तथा नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना द्वारा किया जाएगा।

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि उदयपुर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। पर्यटक यहां की झीलों, महलों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं, लेकिन शहर के अंदरूनी हिस्सों में मौजूद समृद्ध इतिहास, प्राचीन गलियों, हवेलियों, मंदिरों, पारंपरिक बाजारों और स्थानीय जीवनशैली से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां उनसे अनछुई रह जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हेरिटेज वॉक को नए स्वरूप में प्रारंभ किया जा रहा है।

ऐतिहासिक धरोहरों और हवेलियों से होंगे रूबरू

नगर निगम अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा ने बताया कि हेरिटेज वॉक के दौरान पर्यटकों को उदयपुर की प्राचीन हवेलियों, मंदिरों, ऐतिहासिक भवनों, संकरी गलियों और पारंपरिक बाजारों का भ्रमण कराया जाएगा। इन स्थानों के इतिहास, वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। शहर में आज भी ऐसी अनेक ऐतिहासिक धरोहरें मौजूद हैं, जिनकी जानकारी सीमित लोगों तक ही है। हेरिटेज वॉक के माध्यम से इन धरोहरों को नई पहचान मिलेगी और पर्यटकों को मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

पारंपरिक कला और स्थानीय कारीगरों को मिलेगा मंच।

हेरिटेज वॉक की खास विशेषता यह होगी कि इसमें शहर की पारंपरिक कला और स्थानीय कारीगरों को भी शामिल किया जाएगा। पर्यटक घांची समाज द्वारा बनाई जाने वाली बांस की टोकरियां, मोची समाज के पारंपरिक चमड़े के जूते, शिकलीगर समाज की हैंडीक्राफ्ट चाकू एवं तलवार निर्माण कला तथा वारीयो की घाटी में बनने वाले पत्तल-दोने के निर्माण को करीब से देख सकेंगे। इसके अलावा माली समाज के फूलों के व्यवसाय, सुनार समाज के पारंपरिक आभूषण निर्माण, खेरादी समाज की लकड़ी की कारीगरी तथा कसारा समाज द्वारा बनाए जाने वाले पीतल के बर्तन एवं ध्वजदंड जैसी पारंपरिक गतिविधियों से भी पर्यटकों को परिचित कराया जाएगा। इससे न केवल इन पारंपरिक कलाओं और व्यवसायों को पहचान मिलेगी, बल्कि नई पीढ़ी और पर्यटकों को इनके महत्व की जानकारी भी प्राप्त होगी।

मेवाड़ की विशिष्ट वास्तुकला से होगा परिचय।

निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के अनुसार हेरिटेज वॉक के दौरान पर्यटकों को मेवाड़ की विशिष्ट वास्तुकला, प्राचीन भवनों की बनावट, हवेलियों की संरचना और शहर की ऐतिहासिक गलियों की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इस पहल से पर्यटक केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत और जीवनशैली को भी अनुभव कर सकेंगे।

जगदीश चौक से होगा हेरिटेज वॉक का संचालन।

नगर निगम द्वारा हेरिटेज वॉक के संचालन के लिए जगदीश चौक स्थित पूर्व पुस्तकालय भवन में संचालन केंद्र स्थापित किया गया है। यहीं से पर्यटकों के समूहों को हेरिटेज वॉक के लिए रवाना किया जाएगा। पर्यटकों को बेहतर एवं विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेरिटेज वॉक से जुड़े गाइडों को नगर निगम की ओर से पहचान पत्र भी जारी किए जाएंगे।

नगर निगम प्रशासक प्रज्ञा केवलरमानी ने कहा कि हेरिटेज वॉक के पुनः प्रारंभ होने से पर्यटकों को उदयपुर को एक नए दृष्टिकोण से जानने का अवसर मिलेगा। यह पहल शहर की ऐतिहासिक धरोहर, पारंपरिक कला, संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही स्थानीय कारीगरों और लुप्त होती पारंपरिक कलाओं को भी नई पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा।

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा कि हेरिटेज वॉक उदयपुर के पर्यटन अनुभव को और अधिक समृद्ध एवं जीवंत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से पर्यटकों को झीलों और महलों के साथ-साथ उस उदयपुर से परिचित कराया जाएगा, जो अपनी गलियों, हवेलियों, बाजारों, कला, संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं में आज भी जीवंत है।

 

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