जिओ हेरिटेज साईट के रूप में विकसित होंगे ज़ावर और झामर कोटड़ा

जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग को भूमि आवंटन का आदेश दिया 
 | 
geo heritage site

उदयपुर 6 जनवरी 2025। देशी विदेशी पर्यटकों के बीच झीलों की नगरी के रूप में मशहूर उदयपुर ज़िले में अब खनन के प्रख्यात ज़ावर क्षेत्र और जीवाश्म संपदा से संपन्न झामर कोटड़ा को अब जिओ हेरिटेज साईट के रूप में विकसित किया जाएगा। भूमि आवंटन 99 साल की लीज़ पर निःशुल्क किया गया है।  इसकी कार्यकारी एजेंसी आरटीडीसी होगी। 

जावर जिओ हेरिटेज साइट 

जावर में चिन्हित स्थानों पर बॉउंड्री वाल, प्रवेश द्वार, पार्किंग, जन सुविधाएं, सूचना पट्टिकाए, बैठक व्यवस्था, सोलर लाइट आदि कार्य प्रस्तावित है। साथ ही साथ इस क्षेत्र के आसपास तीन किमी की परिधि में जावर माता मंदिर में सुविधाओं का विस्तार, मंदिर के बाहर पार्किंग, सूचना पट्टिकाए, बैठक व्यवस्था, सोलर लाइट, प्राचीन जैन मंदिर,  रिंग रोड का निर्माण, गार्डन का काम, बावड़ी का जीर्णोद्धार कर पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। 

geo heritage site

झामर कोटड़ा जिओ हेरिटेज साइट 

झामर कोटड़ा में फॉसिल पार्क विकसित किया जाएगा। फॉसिल पार्क में बॉउंड्री वाल, प्रवेश द्वार, पार्किंग, जन सुविधाएं, जीवाश्म डिस्प्ले एरिया बनाया जाएगा। आपको बता दे कि पिछले साल 13 जुलाई को पर्यटन विभाग, भू-विज्ञान विभाग एवं खान विभाग के अधिकारियो ने झामर कोटड़ा का दौरा कर फॉसिल पार्क विकसित करने की संभावनाएं जताई थी, झामर कोटड़ा में 180 करोड़ वर्ष पुरानी चट्टानें पाई गई। प्रस्तावित फॉसिल पार्क में प्राचीन जीवाश्मों के संरक्षण और अध्ययन के ज़रिये पृथ्वी की प्राचीन जीवन संरचना और पारिस्थितिक तंत्र की जानकारी देगा।

पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया की जावर और झामर कोटडा जिओ हेरिटेज साइट के विकास से उदयपुर आने वाले पर्यटक घूमने के साथ नॉलेज पॉइंट भी एक्स्प्लोर कर सकेंगे। 

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News